सावन के पहले सोमवार पर बाबा विश्वनाथ दरबार में 05 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद, सुरक्षा के अभेद इंतजाम

 


— कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव मंदिर में भी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक चौबंद, अफसरों ने लिया जायजा

वाराणसी, 01 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में सावन मास के पहले सोमवार पर आस्था का सैलाब का सैलाब उमड़ेगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास ने सुरक्षा एवं दर्शन व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। वहीं कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव धाम में भी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार, पिछले वर्ष 2025 में सावन के पहले सोमवार को 3,41,356 श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए थे। दूसरे सोमवार को यह संख्या बढ़कर 4,54,226, तीसरे सोमवार को 5,66,641 और चौथे सोमवार को 6,91,590 पहुंच गई थी। सावन के चारों सोमवार पर कुल 20,53,813 श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई थी। इसी क्रम को देखते हुए इस वर्ष पहले सोमवार को ही पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार बाबा विश्वनाथ धाम के सभी सात प्रवेश द्वार खोले जाएंगे। गेट नंबर-4, नंदू फेरिया द्वार, सिल्को गली द्वार-4ए, ढुंढीराज प्रवेश द्वार, सरस्वती फाटक मार्ग तथा भैरव द्वार से सुरक्षा जांच के बाद श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा। दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और विशिष्ट जनों के लिए गोदौलिया तथा मैदागिन से गेट नंबर-4 तक निःशुल्क गोल्फ कार्ट सेवा भी उपलब्ध रहेगी।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूरे धाम परिसर में पहले से लगे 289 सीसीटीवी कैमरों के अतिरिक्त 44 नए कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर के कंट्रोल रूम से गोदौलिया से मैदागिन तक लगातार निगरानी रखी जाएगी तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं दी जाएंगी। पहले सोमवार को गोदौलिया से मैदागिन तक वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की गई है। धाम परिसर में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र, शुद्ध पेयजल, ग्लूकोज, ओआरएस और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है।

उधर, कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव धाम की तैयारियों का शनिवार को डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार और एडीसीपी लिपि नगायच ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई, शौचालय और यातायात प्रबंधन का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर के पुजारियों से गर्भगृह की व्यवस्था पर चर्चा की तथा बाबा मार्कण्डेय महादेव का जलाभिषेक एवं पूजन भी किया।

गंगा घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता, प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग, ललिता घाट पर जिग-जैग बैरिकेड

सावन में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रमुख घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 61.92 मीटर दर्ज किया गया, जो फिलहाल स्थिर है। इसके बावजूद किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग, ललिता घाट पर जिग-जैग बैरिकेड, पुलिस और गोताखोरों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। नंदी चौक, घाट क्षेत्र, गिरजाघर चौराहा तथा मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी निगरानी व्यवस्था और सीसीटीवी नेटवर्क को और मजबूत किया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी