(अपडेट) सावन माह के पहले दिन काशी विश्वनाथ दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं की लगी लंबी कतारें

 




—मंगला आरती के बाद खुला मंदिर का कपाट,श्रद्धालुओं के लिए बिछी रेड कार्पेट, सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक एवं पुख्ता इंतजाम

वाराणसी, 30 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में श्रावण मास के पहले दिन ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंगला आरती के बाद जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर परिक्षेत्र 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठी। सावन के पहले दिन ही शिवभक्तों के स्वागत के लिए मंदिर परिसर में रेड कार्पेट बिछाया गया था। बाबा के दर्शन के लिए बुधवार देर रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक एवं पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

—जलाभिषेक के लिए देर रात से ही काशी पहुंचने लगे थे शिवभक्त

सावन के प्रथम दिन ही काशी के शिवालयों में शिवभक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। पूरी काशी 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान रही। बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए कांवड़िये देर रात से ही काशी पहुंचने लगे थे। लाइन में लगे श्रद्धालुओं के हाथों में बेलपत्र, मदार की माला, गंगाजल तथा बाबा विश्वनाथ को अर्पित की जाने वाली उनकी प्रिय पूजन सामग्री दिखाई दे रही थी।

बिहार से आए कांवड़िये दुर्गेश ने बताया कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूरे मार्ग पर सुरक्षा, साफ-सफाई और शिविरों में ठहरने सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी हर जगह तैनात हैं और श्रद्धालुओं की हर संभव सहायता कर रहे हैं। कांवड़ियों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए प्रयागराज-वाराणसी मार्ग का एक लेन सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा पूरे कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल और पीआरवी वाहनों की तैनाती की गई है।

काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा धाम परिसर एवं आसपास के समस्त क्षेत्रों में व्यापक एवं समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी प्रवेश एवं निकास मार्गों पर प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती की गई है तथा श्रद्धालुओं को कतारबद्ध एवं सहज दर्शन उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। चिकित्सकीय सुविधा, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता है। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्थानों पर शुद्ध पेयजल, ग्लूकोज, ओ.आर.एस., विश्राम एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

मंदिर के सीईओं के अनुसार, श्रावण माह में संभावित अत्यधिक श्रद्धालु संख्या को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा सतत निगरानी एवं समन्वय के साथ व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा है। धाम में स्थापित नियंत्रण कक्ष के माध्यम से समस्त व्यवस्थाओं पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता अनुसार त्वरित निर्णय लेकर व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास श्रद्धालुओं से अपील करता है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए धैर्य एवं अनुशासन बनाए रखें तथा अपनी यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने में सहयोग प्रदान करें। मंदिर प्रशासन श्रावण माह के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं दिव्य दर्शन अनुभव उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी