अक्षय तृतीया पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में विविध धार्मिक अनुष्ठान, बद्रीनारायण स्वरूप का भव्य श्रृंगार
वाराणसी, 20 अप्रैल (हि.स.)। धर्म नगरी वाराणसी में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन पूरे श्रद्धा और परम्परागत विधि से किया गया। इस अवसर पर श्रीहरि विष्णु के बद्रीनारायण स्वरूप का भव्य श्रृंगार किया गया।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने मंदिर के सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए सोमवार से पवित्र श्रावण मास तक भगवान श्री विश्वनाथ जी के विग्रह पर ‘कुंवरा’ (शॉवर) की स्थापना की शुरूआत की। यह परंपरागत व्यवस्था शिवलिंग पर निरंतर जलाभिषेक के उद्देश्य से की जाती है। यह परंपरा प्रत्येक वर्ष निभाई जाती है। अक्षय तृतीया पर मंदिर के गर्भगृह में मध्यान्ह भोग आरती के समय भगवान श्री विश्वेश्वर का विभिन्न फलों के रस से विशेष अभिषेक भी संपन्न किया गया। इसके अतिरिक्त, बढ़ती गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए धाम में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं कार्यरत कार्मिकों के मध्य बेल, नींबू एवं दही से निर्मित शीतल पेय (शरबत) का वितरण किया गया। यह जानकारी मंदिर न्यास की ओर से दी गई।
बताया गया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास सनातन संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है, जिससे धाम में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को दिव्य, पवित्र एवं आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास समस्त सनातन समाज को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता है तथा भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि एवं मंगल की कामना करता है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी