श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर के 50 फीसद शौचालय भारतीय शैली में होंगे परिवर्तित

 


वाराणसी, 20 फरवरी (हि.स.)। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की 109वीं तथा श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की 15वीं बैठक शुक्रवार सायं मंडलायुक्त सभागार में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में पूर्व कार्यवृत्त की पुष्टि के साथ अनुमोदित एजेंडा बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

—न्यास परिषद के प्रमुख निर्णय

बैठक में मंदिर न्यास में कार्यरत अर्चकों की सेवा शर्तों के संबंध में न्यास परिषद एवं अर्चकों के मध्य अनुबंध प्रस्ताव पर सहमति बनी। मंदिर परिसर स्थित अन्नपूर्णा मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य को भी अनुमोदन दिया गया। ललिता घाट पर स्थापित प्रोजेक्टर के संचालन प्रारंभ करने तथा मंदिर न्यास के संरक्षणाधीन स्थलों के वार्षिक अनुरक्षण संबंधी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त बेनीपुर, सारनाथ स्थित श्री संकट हरण हनुमान मंदिर में संचालित गौशाला का समस्त व्यय मंदिर न्यास द्वारा वहन किया जाएगा। प्रत्येक प्रदोष तिथि पर गौवंश के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। प्रयागराज जनपद के उस्तापुर महमूदाबाद स्थित प्राचीन संस्कृत पाठशाला की भूमि पर बाउंड्रीवाल निर्माण को मंजूरी दी गई। चंदौली जनपद के सकलडीहा स्थित श्री कालेश्वरनाथ मंदिर परिसर में रिक्त भूखंड पर कक्ष, रसोईघर एवं स्नानागार निर्माण तथा जर्जर भवन की मरम्मत का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। संबंधित मंदिरों में विद्युत व्यवस्था एवं सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत हेतु एजेंसी चयन को भी मंजूरी मिली। साथ ही, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए उपवेशन (बैठने) की व्यवस्था हेतु धनराशि स्वीकृत की गई।

—विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की बैठक में गत वर्ष की कार्यवृत्त पुष्टि के साथ परिषद की बैलेंस शीट पर चर्चा की गई। धाम स्थित मल्टीपरपज हॉल के लाभ-साझाकरण प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में धाम परिसर के 50 प्रतिशत शौचालयों को भारतीय शैली के शौचालयों में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त धाम परिसर में संचालित दुकानों की विद्युत दरों को नियत (फिक्स) करने का प्रस्ताव पारित किया गया। सिटी म्यूजियम एवं वाराणसी गैलरी में थ्रीडी इमर्सिव संग्रहालय संचालन हेतु प्रारूप प्रस्तुत करने के लिए कंसल्टेंट चयन को स्वीकृति दी गई। टेंसाइल शेडिंग कार्य को भी हरी झंडी मिली। बैठक में लिए गए इन निर्णयों से श्री काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने तथा समग्र विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी