शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन काशी विश्वनाथ धाम में मांडवी सिंह के नृत्य समूह ने बांधा समां

 




सांस्कृतिक संध्या में भजन और नृत्य की प्रस्तुतियों से भक्तिमय हुआ मंदिर चौक, भारतीय कला एवं संस्कृति की दिखी मनोहारी छटा

वाराणसी, 12 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार शाम श्री काशी विश्वनाथ धाम के मंदिर चौक में आयोजित सांस्कृतिक संध्या भक्ति, संगीत और नृत्य के अनूठे संगम की साक्षी बनी। देवी आराधना और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को समर्पित इस आयोजन में भजन गायन और नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से गूंज उठा।

सांस्कृतिक संध्या का संचालन उद्घोषिका मीनाक्षी दीक्षित ने किया। कार्यक्रम में भजन गायिका दिव्या दुबे और उनके सह कलाकारों ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। इसके बाद भजन गायक सनी मिश्र और उनके सह कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया।

संध्या का प्रमुख आकर्षण मांडवी सिंह के नृत्य समूह की मनोहारी प्रस्तुति रही। समूह के कलाकारों ने अपनी नृत्य कला और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय एवं सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर छटा प्रस्तुत की। संगीत, भक्ति और नृत्य की प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।

मंदिर न्यास के अनुसार, शारदीय नवरात्रि के प्रत्येक दिन श्री काशी विश्वनाथ धाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के साथ संगीत, नृत्य और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

न्यास का उद्देश्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं के संवर्धन के साथ भारतीय कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करना तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। इस तरह के आयोजन काशी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी