कारगिल विजय दिवस: श्री काशी विश्वनाथ धाम में सेना के शौर्य को युवाओं ने किया नमन

 


वाराणसी, 26 जुलाई (हि.स.)। कारगिल विजय दिवस की वर्षगांठ पर रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में नमामि गंगे के तत्वावधान में भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर देश की सुरक्षा एवं समृद्धि के साथ वीर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना भी की गई।

कार्यक्रम के दौरान बाबा विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार एवं भारत माता की प्रतिमा के समक्ष उपस्थित लोगों ने भारतीय सेना के शौर्यवीरों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों और विषम परिस्थितियों में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों का सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर एवं गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि कारगिल विजय दिवस वर्ष 1999 में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के विरुद्ध प्राप्त ऐतिहासिक विजय की गौरवगाथा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल का युद्ध अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में लड़ा गया, जहां भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस, अनुशासन और पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जवानों ने घुसपैठ कर कब्जा किए गए दुर्गम शिखरों पर पुनः तिरंगा फहराकर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की।

कार्यक्रम में नीरज सिंह, सौरभ पाण्डेय, शशिभूषण पाण्डेय, अर्जुन सिंह, नमन पाण्डेय, गोलू यादव, अंकित यादव, शुभम गुप्ता, राकेश कुमार, भावेश आदि ने भागीदारी की।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी