मार्कंडेय महादेव धाम घाट पर गंगा में डूबने की बढ़ती घटनाओं को लेकर चला जागरूकता अभियान
— श्रद्धालुओं से गहरे पानी में न जाने की अपील, बैरिकेडिंग, जाल और जल पुलिस तैनाती की मांग
वाराणसी, 23 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी जनपद के चौबेपुर कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव धाम गंगा घाट पर लगातार बढ़ रही लाेगाें के डूबने की घटनाओं को लेकर शनिवार को व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। कैथी स्थित इस घाट पर गंगा की अधिक गहराई के कारण आए दिन हो रही दुर्घटनाओं से चिंतित स्थानीय नागरिकों, पुजारियों, दुकानदारों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की अपील की।
अभियान के तहत मंदिर चौराहे से गंगा घाट तक चेतावनी संबंधी बैनर लगाए गए तथा विभिन्न स्थानों पर दीवार लेखन कर लोगों को जागरूक किया गया। संदेशों में श्रद्धालुओं से गहरे पानी में न जाने, स्थानीय लोगों से जल की गहराई की जानकारी लेने के बाद ही स्नान करने तथा सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की गई।
सामाजिक कार्यकर्ता वल्लभाचार्य पाण्डेय के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान को सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र भेजकर घाट पर समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। मांगों में गहराई वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग और जाल लगाना, जल पुलिस की तैनाती, गोताखोर दल की व्यवस्था तथा चेतावनी संकेतकों को स्थायी रूप से स्थापित करना शामिल है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग दो दशक पूर्व हुए घाट निर्माण के दौरान बनी कुछ दीवारें और खंभे अब भी पानी के भीतर मौजूद हैं, जिनके कारण नदी की वास्तविक गहराई का अनुमान नहीं लग पाता और लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि इन अवरोधों को हटाकर गहरे पानी वाले क्षेत्र से पहले सुरक्षा जाल लगाया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालु खतरे वाले हिस्से तक न पहुंच सकें। साथ ही सुरक्षा निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई। जागरूकता अभियान में प्रदीप सिंह, अमित कुमार, दीनदयाल, पवन निषाद, बृजेश, नमय, मनोहर, बजरंगी गिरी, लईक अहमद और रमेश श्रीवास्तव सहित कई स्थानीय लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी