राजकीय सम्मान के साथ मणिकर्णिका घाट पर पंचतत्व में विलीन हुए पद्मश्री जसपाल राणा

 




—घाट पर अन्तिम श्रद्धांजलि देने के लिए जुटे भाजपा के नेता और प्रशंसक

वाराणसी, 13 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और पद्मश्री सम्मान से सम्मानित जसपाल राणा का पार्थिव शरीर शनिवार शाम मोक्षतीर्थ मणिकर्णिका घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गया। अंतिम संस्कार के दौरान घाट पर शोक का भावपूर्ण माहौल रहा। भाजपा नेताओं, खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों तथा बड़ी संख्या में उनके प्रशंसकों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

अंतिम संस्कार की वैदिक प्रक्रिया के तहत पुत्र युवराज राणा और अन्य परिजनों ने चिता की परिक्रमा की। इसके बाद पुत्र युवराज राणा ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। इस अवसर पर प्रशासन की ओर से राजकीय सम्मान के तहत उन्हें सलामी दी गई।

इससे पूर्व जसपाल राणा का पार्थिव शरीर चार्टर विमान से लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे लाया गया, जहां एयर कार्गो परिसर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विधायक पुत्र एवं जसपाल राणा के बहनोई पंकज सिंह, नीरज सिंह सहित भाजपा के प्रदेश मंत्री शंकर गिरी, समर्थकों और शुभचिंतकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद पार्थिव शरीर को वाहन से शिवपुर-चांदमारी रिंग रोड स्थित द कासा रिजॉर्ट लाया गया। यहां पार्थिव शरीर को ताबूत से निकालकर अंतिम यात्रा के लिए अर्थी सजाई गई। विधायक पंकज सिंह सहित अनेक लोगों ने अर्थी को कंधा दिया। इसके बाद अंतिम यात्रा मणिकर्णिका घाट के लिए रवाना हुई।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राजघाट से गंगा मार्ग के जरिए पार्थिव शरीर को मणिकर्णिका घाट पहुंचाया गया। घाट पर पहले से ही अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। अंतिम संस्कार में भाजपा पदाधिकारी, स्थानीय खिलाड़ी, खेल संगठन से जुड़े लोग, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में शुभचिंतक मौजूद रहे। अंतिम दर्शन के लिए दिनभर समर्थकों और प्रशंसकों का तांता लगा रहा। सुरक्षा व्यवस्था के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे।

उल्लेखनीय है कि 49 वर्षीय जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया था। वह पिछले 11 दिनों से दिल्ली स्थित मैक्स साकेत अस्पताल में उपचाराधीन थे। बताया जाता है कि जर्मनी से लौटते समय विमान यात्रा के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन से खेल जगत, राजनीतिक क्षेत्र और उनके लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर व्याप्त है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी