जापानी प्रतिनिधि मंडल ने ऐतिहासिक सारनाथ में किया भ्रमण, बौद्ध विरासत को महसूस किया
—प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने पुष्पवर्षा के बीच किया स्वागत, नदेसर के तारांकित होटल में भी अफसरों और होटल कर्मियों ने किया स्वागत
वाराणसी, 22 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में शनिवार को जापान के यामानाशी प्रिफेक्चर (प्रांत) के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में 109 सदस्यीय उच्चस्तरीय जापानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। बाबतपुर पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का पुष्पवर्षा के बीच गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और भाजपा विधायक डॉ. अवधेश सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
बाबतपुर स्थित एक निजी महाविद्यालय परिसर में स्वागत के बाद प्रतिनिधिमंडल नदेसर स्थित तारांकित होटल पहुंचा। यहां प्रशासनिक अधिकारियों और होटल कर्मियों ने जापानी अतिथियों का स्वागत किया। होटल में आयोजित ‘काशी की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने काशी की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को करीब से जाना। इस दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जापानी प्रतिनिधिमंडल ऐतिहासिक सारनाथ पहुंचा। पर्यटन विभाग के अधिकारियों और गाइड ने प्रतिनिधिमंडल को सारनाथ के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व की जानकारी दी। सदस्यों ने भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली, स्तूप और अन्य महत्वपूर्ण बौद्ध स्थलों का भ्रमण किया तथा यहां की समृद्ध बौद्ध विरासत को करीब से महसूस किया। प्रतिनिधिमंडल को हाल ही में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए गए बौद्ध विरासत स्थल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।
सारनाथ भ्रमण के बाद प्रतिनिधिमंडल नमो घाट के लिए रवाना हुआ, जहां सदस्यों ने गंगा आरती का अद्भुत और आध्यात्मिक दृश्य देखा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल वापस होटल लौटेगा। देर शाम आयोजित रात्रिभोज के दौरान जापानी अतिथियों को भारतीय संस्कृति, कला और हस्तशिल्प की झलक से परिचित कराया जाएगा। रविवार, 23 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्यों में से कुछ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे, जबकि अन्य सदस्य वाराणसी एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे।
—निवेश और औद्योगिक सहयोग पर जोर
जापानी प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश सरकार मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर आधारभूत ढांचे, सरल औद्योगिक नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
दौरे के दौरान हाइड्रोजन एवं स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, बुनियादी ढांचा, पर्यटन और मानव संसाधन विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल के दौरे से दोनों पक्षों के बीच आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी