कूड़ा प्रबंधन के लिए वाराणसी मंडल में शुरू होगी कूड़े में प्लास्टिक नहीं, प्लास्टिक में कूड़ा नहीं की पहल : डीडी पंचायत
-2 किलो प्लास्टिक पर 1 सेनेटरी पैड, 118 महिलाएं बनीं स्वच्छता अभियान की भागीदारवाराणसी,09 (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायत में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर खासा जोर है। आरआर सी (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र) पर घरों से एकत्रित हो रहे कूड़े में प्लास्टिक मिक्स कूड़ा एकत्रित हो रहा है। इसके निराकरण के लिए वाराणसी मंडल के उपनिदेशक, पंचायत जितेंद्र कुमार मिश्र ने एक नई पहल शुरू की है । जिसका टैगलाइन कूड़े में प्लास्टिक नहीं, प्लास्टिक में कूड़ा नहीं के सिद्धांत पर कार्य किया जा रहा है। लोगों के आम व्यवहार में यह देखा जा रहा है कि अपने घरों से लोग कूड़े को प्लास्टिक के थैलियों में भरकर बाहर फेंक देते हैं। जिसको अलग—अलग किया जाना कठिन हो जाता है और इसके छटाई में लागत मूल्य बढ़ जाता है। उस प्लास्टिक में खाद्य सामग्री रहने पर उसे गाय सहित तमाम जानवर खा जा रहे हैं। वहीं, प्लास्टिक नालियों, तालाबों में एवं मिट्टियों में मिलकर प्रदूषण कर रहा है । इसके लिए शुक्रवार को ग्राम पंचायत कादीपुर विकास खण्ड काशी विद्यापीठ में एक नवीन पहल की शुरुआत की गई ।
लोगों को यह समझाया गया कि कूड़े में प्लास्टिक नहीं, प्लास्टिक में कूड़ा नहीं के तहत अब प्लास्टिक को कूड़े में नहीं फेंकना है । प्लास्टिक का प्रयोग करने के उपरांत हमें घर पर एक बोरी लगाकर उसमें प्लास्टिक को एकत्रित करना है, तत्पश्चात एक दिन प्लास्टिक को एकत्र कर उसको निस्तारण के लिए प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट पर भेज देना है। अभियान के तहत इस ग्राम पंचायत में विंध्यवासिनी फाउंडेशन ट्रस्ट एवं आइडियल वूमेन वेलफेयर सोसाइटी के तरफ से महिलाओं को सेनेटरी पैड का भी वितरण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत में पंचायत भवन पर आयोजित कार्यक्रम में 118 से अधिक महिलाओं ने अपने घर पर टंगी बोरियों में 238 किलो से अधिक प्लास्टिक इकट्ठा कर जमा किया। जिस पर उपनिदेशक पंचायत ने सभी महिलाओं और किशोरियों को एक सेनेटरी पैड पुरस्कार स्वरूप दिया। इस कार्यक्रम में सहायक जिला पंचायत अधिकारी राकेश कुमार यादव, सहायक विकास अधिकारी पंचायत आदि भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी