11वें रुद्रावतार संकटमोचन हनुमान के जयंती पर काशी नगरी हनुमत आराधना में लीन

 






भिखारीपुर से निकली विशाल हनुमत ध्वजा यात्रा,शोभायात्रा में 60 फीट लंबे रथ पर सजी भगवान श्री राम की झांकी बना आकर्षण

वाराणसी,02 अप्रैल (हि.स.)। भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार श्री संकटमोचन हनुमान जी के जन्मोत्सव पर गुरूवार को उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में श्रद्धालु हनुमत मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए उमड़ पड़े। नगर के छोटे—बड़े हनुमान मंदिरों में श्री संकटमोचन की आराधना के लिए श्रद्धालु युवाओं की लंबी कतार लगी रही। हनुमत जयंती पर ही शहर के कई हिस्सों में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं ने हनुमान ध्वज शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा में बच्चों और महिलाओं ने भी पूरे उत्साह और आस्था के साथ भागीदारी की। जयंती पर भिखारीपुर से पूर्वांचल की सबसे बड़ी हनुमान ध्वज शोभायात्रा निकाली गई। भिखारीपुर से निकली यह शोभायात्रा करीब तीन घंटे से भी अधिक समय में श्री संकट मोचन मंदिर पहुंची। विशाल शोभायात्रा में हजारों भक्त हनुमत भजन में झूमते गाते नजर आए। शोभायात्रा में 60 फीट लंबे रथ पर सजी भगवान श्री राम की झांकी,हनुमान जी विशाल प्रतिमा, शंखवादन, डमरूवादन आकर्षण का केन्द्र रही। इस यात्रा में 7 राज्यों की झांकी भी शामिल रही। यात्रा के संयोजक हनुमान सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष रामबली मौर्या ने बताया कि इस 23वीं शोभायात्रा में करीब 1 लाख छोटे-बड़े ध्वज लेकर श्रद्धालु शामिल हुए। सूर्योदय की लालिमा के बीच महाआरती के बाद भिखारीपुर से इस विशाल शोभायात्रा की शुरूआत हुई। इसमें 30 हजार से अधिक भक्तों और 11 सौ गदाधारियों , 5100 ध्वजाओं के साथ शामिल भागीदारी हुई। ये सभी ध्वजाएं बजरंग बली को अर्पित की गई। हनुमान ध्वज यात्रा में हनुमान भक्तों की 3 किलोमीटर से ज्यादा लंबी अटूट कतार नंगे पांव और हाथ में ध्वज लेकर संकट मोचन दरबार पहुंची। इस यात्रा की खास बात रही कि 1100 भक्त अपने हाथों में भगवान बजरंगबली का प्रतीक ‘गदा’ लेकर शामिल हुए। शोभायात्रा में 60 फीट लंबे रथ पर सजे राम दरबार में संकटमोचन मंदिर की प्रमुख कीर्तन मंडली रामधुन कीर्तन गाते हुए चल रही थी। भिखारीपुर तिराहे से संकट मोचन दरबार तक के मार्ग पर भक्तों की सुविधा के लिए 250 से अधिक सेवा स्टॉल भी लगे थे। यहां फल, मिठाई, जूस, छाछ, लस्सी, फलाहार और ड्राईफ्रूट्स का वितरण सेवाभाव से किया गया। यह ध्वजा यात्रा भिखारीपुर तिराहे से शुरू होकर नेवादा, सुंदरपुर, नरिया, बीएचयू और लंका मार्ग से होते हुए संकट मोचन मंदिर दरबार पहुंची। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर भक्तों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्री संकट मोचन महाराज (हनुमान जी) के विग्रह पर 501 किलो लड्डू का भोग अर्पित किया गया। जिसे श्रद्धालुओं में वितरित कर दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी