काशी के आंगन में उतरी गणगौर की अनुपम छटा, 200 महिलाओं-बच्चों की मनोहारी प्रस्तुति
—जीवंत हुई राजस्थान की लोक-संस्कृति
वाराणसी, 17 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी में मंगलवार शाम राजस्थान की माटी और संस्कृति का एक अद्भुत समागम दिखा। महमूरगंज स्थित एक लान में गवरजा माता उत्सव समिति, वाराणसी के तत्वावधान में आयोजित सिंधारा कार्यक्रम में राजस्थानी लोकजीवन की रंग-बिरंगी छवियां जीवंत हो गई। लगभग 200 महिलाओं और बच्चों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुति से काशी की फिजाओं में मानो थार के रेत कण बिखेर दिए। हर लय में लोक, हर भाव में भक्ति और हर रंग में परंपरा झलकती रही।
इसके पहले सायंकाल एडीजी वाराणसी परिक्षेत्र पियूष मोडिया एवं विशिष्ट अतिथि स्वाति मित्तल (पत्नी सत्यमोहन, सीईओ कैण्टमेन्ट बोर्ड) ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का आगाज किया। संस्था के अध्यक्ष कमल अग्रवाल एवं मंत्री राम बूबना ने स्वागत भाषण में कहा कि “गणगौर केवल पर्व नहीं, यह स्त्री-श्रद्धा, प्रेम और प्रकृति के प्रति समर्पण का जीवंत गीत है, जो पीढ़ियों से हमारे संस्कारों में गूंजता आया है। कार्यक्रम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जैसे समय के पन्नों को पलट दिया। “मोरया रे… गणपति बप्पा मोरया” से आरंभ होकर “ओम नमः शिवाय”, “गोविन्द बोलो हरे गोपाल बोलो”, “नारी हूं मैं…” जैसे गीतों की श्रृंखला में भक्ति, नारीत्व और प्रकृति का अद्भुत समन्वय दिखा। “बुम्बरों बुम्बरो”, “ईसर जी की बारात” और “गणगौर तब से अब तक” जैसी प्रस्तुतियों ने सतयुग से कलयुग तक की सांस्कृतिक यात्रा को मंच पर साकार कर दिया।
घाघरा-चुन्नी की लहराती छटा और पुरुषों के साफे की शान ने मानो काशी को कुछ पल के लिए राजस्थान में बदल दिया। समिति के प्रचारमंत्री गौरव राठी ने बताया कि 21 मार्च को काशी गौशाला, गोलघर से लक्ष्मीकुण्ड स्थित श्री श्याम मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ का शुभकामना संदेश पढ़कर सुनाया गया। कार्यक्रम का संचालन दीपक माहेश्वरी, पवन कुमार अग्रवाल, प्रीति बाजोरिया, ऋतु धूत, शानू जाजोदिया, पूजा चाण्डक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अजय खेमका एवं अतिथियों का स्वागत लाला चांडक ने किया। इस अवसर पर कमल अग्रवाल, राम बूबना, आर. के. चौधरी, लोकेन्द्र करवा, उमाशंकर अग्रवाल, नवरतन राठी, पवन मोदी, दीपक बजाज, शंकरलाल सोमानी, गौरीशंकर नेवर, संजीव शाह, मांगीलाल सारडा, जेठमल चाण्डक, गौरव राठी आदि की मौजूदगी रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी