गंगा सप्तमी पर विधि विधान से नमामि गंगे ने किया मां गंगा का दुग्धाभिषेक, उतारी आरती
वाराणसी,23 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा सप्तमी के पावन पर्व पर गुरूवार को गंगा नदी की रक्षा का संकल्प लेकर नमामि गंगे ने दशाश्वमेध घाट पर निर्मलीकरण की कामना से दुग्धाभिषेक किया। गंगा उत्पत्ति दिवस पर मां गंगा की भव्य आरती उतारी गई। इस दौरान गंगा तलहटी की सफाई कर स्वच्छता का आवाह्न किया गया। 'रग-रग में गंगा, तब क्यों करें इसे गंदा' नारे के साथ गंगा से जुड़ने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की गई।
राष्ट्रीय ध्वज और स्वच्छता स्लोगन लिखीं तख्तियों से नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने स्वच्छता को संस्कार के रूप में शामिल करने का संदेश भी दिया। आयोजन में अन्नपूर्णा सामाजिक सेवा समिति की सक्रिय भागीदारी रही।
नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने स्वच्छता का संकल्प दिलाते हुए कहा कि हमारे भारत और सनातनी संस्कृति के रग रग में गंगा का वास है। गंगा हमारी आस्था और आजीविका दोनों हैं। गंगा उत्पत्ति दिवस पर हम सभी यह शपथ लें कि न गंगा में गंदगी करेंगे न किसी और को करने देंगे। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे अभियान के सतत प्रयास से गंगा किनारे की स्वच्छता अब दिखाई पड़ती है। हम सभी को नमामि गंगे अभियान से जुड़कर गंगा के संरक्षण में योगदान देना चाहिए।
आयोजन में महानगर सहसंयोजक बीना गुप्ता, नीलिमा राय, प्रकाश सिंह, सोहन सिंह, शकुंतला शर्मा आदि ने भागीदारी की।
ललिताघाट पर भव्य धार्मिक अनुष्ठान, श्री काशी विश्वनाथ धाम में मां गंगा की आराधना
वाराणसी में गंगा सप्तमी के अवसर पर ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के घाट (ललिताघाट) पर मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक परंपराओं के अनुरूप धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। अनुष्ठान की शुरूआत वैदिक मंत्रोच्चार एवं आचार्यों के निर्देशन में विधिवत पूजन-अर्चन से हुआ। तत्पश्चात शास्त्रोक्त विधि से माँ गंगा का अभिषेक संपन्न किया गया, जिसमें गंगाजल, दुग्ध, पुष्प एवं विविध पूजन सामग्रियों का उपयोग कर श्रद्धापूर्वक आराधना की गई। अभिषेक अनुष्ठान के उपरांत धाम स्थित मंदिर परिसर में विराजमान माँ गंगा के विग्रह का भी विधिपूर्वक पूजन एवं आरती संपन्न की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माँ गंगा एवं भगवान विश्वनाथ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए विश्वकल्याण एवं सुख-समृद्धि की कामना की। बताया गया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के शास्त्रीय एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य काशी की प्राचीन सनातन परंपराओं, आध्यात्मिक मूल्यों एवं सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। न्यास निरंतर इस दिशा में समर्पित भाव से कार्य करते हुए समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना के प्रसार के लिए प्रयासरत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी