विश्व नदी दिवस पर आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर गंगा समग्र क्षेत्रीय नदियों को लेकर करेगा मंथन
वाराणसी, 06 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा और उसकी सहायक नदियों की अविरलता एवं निर्मलता को लेकर विश्व नदी दिवस के अवसर पर 27 सितंबर को वाराणसी में मंथन होगा। गंगा समग्र, आईआईटी बीएचयू के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित करेगा। इसमें सहायक नदियों के स्वास्थ्य, उनकी वर्तमान स्थिति, समस्याओं के कारण और उनके निवारण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
कार्यशाला की तैयारियों और संगठन के आगामी कार्यक्रमों को लेकर रविवार शाम पांडेयपुर स्थित वीएनआर टावर में गंगा समग्र के गंगा भाग के कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। बैठक में गंगा की निर्मलता और अविरलता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि गंगा को निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए उसके आसपास के जिलों से होकर प्रवाहित होने वाली क्षेत्रीय सहायक नदियों का भी निर्मल और अविरल रहना जरूरी है। सहायक नदियों की स्थिति में सुधार के बिना गंगा के संरक्षण का लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता। इसी विषय को केंद्र में रखकर 27 सितंबर की कार्यशाला में विशेषज्ञों और संबंधित लोगों के साथ चिंतन-मंथन किया जाएगा।
विश्व नदी दिवस पर अन्य शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में 19 सितंबर को काशी प्रांत के शैक्षणिक आयाम की बैठक तथा अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में काशी प्रांत कार्यकारिणी की बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी।
बैठक में संगठन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र, राष्ट्रीय गंगा आश्रित आयाम प्रमुख अमिताभ उपाध्याय, प्रांतीय संगठन मंत्री निरंजन और सह प्रांतीय संयोजक दिवाकर द्विवेदी ने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर प्रांतीय कार्यकारिणी की ओर से महंत राजनाथ तिवारी, कपीन्द्र नाथ तिवारी, रणदीप सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, उमेश सिंह, अशोक तिवारी, गोपाल कृष्ण पांडेय एडवोकेट, सुधीर दुबे और माला तिवारी मौजूद रहे। वहीं चंदौली के जिला संरक्षक जयशंकर तिवारी, गाजीपुर के जिला संरक्षक विजय शंकर राय, काशी के जिला संयोजक धर्मेंद्र पांडेय, काशी दक्षिण के जिला संयोजक श्रवण मिश्रा, काशी मध्य के जिला संयोजक विजय पाठक, काशी उत्तर के जिला संयोजक संदीप त्रिपाठी तथा सोनभद्र के जिला संयोजक शमशेर बहादुर सिंह समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी