गंगा के जलस्तर में उफान, दशाश्वमेध घाट पर 15 फीट पीछे हुई गंगा आरती
बढ़ते जलस्तर के बीच बदला आरती स्थल, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर प्रशासन का जोर
वाराणसी, 08 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा और उसकी सहायक नदी वरुणा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। शनिवार शाम गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर विश्वप्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट की दैनिक गंगा आरती पर भी पड़ा। जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा सेवा निधि ने निर्धारित आरती स्थल को करीब 15 फीट पीछे कर दिया।
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि गंगा का जलस्तर जिस तरह बढ़ रहा है, उसी के अनुरूप आरती स्थल को भी पीछे किया जाता रहेगा। आरती के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
गंगा में उफान के बावजूद मां गंगा की आरती देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ घाटों पर उमड़ रही है। शहर के शिवाला समेत कई घाटों के संपर्क मार्गों पर भी पानी पहुंच गया है। अहिल्याबाई, शीतला, दशाश्वमेध और त्रिपुरा भैरवी घाट की निचली सीढ़ियां जलमग्न होने के बाद गंगा का पानी अब ऊपर की ओर बढ़ रहा है।
मोक्षतीर्थ मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट स्थित शवदाह प्लेटफॉर्म तक भी गंगा की लहरें पहुंच गई हैं। दोनों घाटों पर जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए विशेष निगरानी रखी जा रही है। कई घाटों की चौकियां और किनारे स्थित छोटे मंदिर भी पानी में डूब गए हैं।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन के साथ जल पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राजघाट से अस्सी घाट तक स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। घाटों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
जिला प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में घाटों के निचले हिस्सों की ओर जाने से बचें।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी