काशी विश्वनाथ धाम में होली पर्व को लेकर बैठक, शिवभक्त खेलेंगे “पुष्प होली”
वाराणसी, 28 फरवरी (हि.स.)। श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के गौना उत्सव (रंगभरी एकादशी) सकुशल सम्पन्न होने के बाद मंदिर प्रशासन रंगों के पर्व होली में उमड़ने वाली भीड़ की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। शनिवार शाम होली पर्व को लेकर धाम स्थित सभागार (बोर्ड रूम) में व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इस अवसर पर आयोजित समन्वय बैठक में पुलिस विभाग, सी०आर०पी०एफ०, धाम में कार्यरत प्राइवेट सफाई एजेंसी, प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी तथा मंदिर प्रशासन के अधिकारी एवं अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में होली पर्व के अवसर पर धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन, तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया कि श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित एवं आध्यात्मिक वातावरण में होली उत्सव का अनुभव प्राप्त हो। बैठक में निर्णय लिया गया कि होली पर्व के दिन धाम स्थित शंकराचार्य चौक में पूर्वांह 09 से दोपहर 12 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए “पुष्प होली” का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर पुष्प वर्षा के माध्यम से भक्त आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में होली उत्सव में सहभागिता कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, होली पर्व की गरिमा को ध्यान में रखते हुए कलाकारों द्वारा विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिनमें भजन, होली गीत एवं पारंपरिक प्रस्तुतियां शामिल रहेंगी।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में पर्व का आनंद प्रदान करना है। सुरक्षा की दृष्टि से धाम परिसर में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सीआरपीएफ एवं प्राइवेट सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से प्रवेश एवं निकास द्वारों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए प्राइवेट सफाई एजेंसी द्वारा निरंतर सफाई सुनिश्चित की जाएगी। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से विशेष अनुरोध किया है कि वे धाम में केमिकल युक्त रंग, अबीर अथवा किसी भी प्रकार के हानिकारक पदार्थ लेकर न आएं। धाम की पवित्रता, स्वच्छता एवं संरचना की सुरक्षा के दृष्टिगत केवल पुष्प होली के माध्यम से ही उत्सव मनाया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी