सैन्य अफसर बन युवाओं से धोखाधड़ी करने वाले आरोपित को एसटीएफ ने दबोचा, गहन पूछताछ
—सेना, रेलवे और शिक्षा विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करता था
वाराणसी, 31 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद और आसपास के जिलों में खुद को सेना में कमांडिंग अफसर बताते हुए युवाओं से धोखाधड़ी करने वाले आरोपित को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की वाराणसी इकाई ने भेलूपुर के सुंदरपुर इलाके से दबोच लिया। आरोपित के पास से फर्जी सैन्य पहचान पत्र, आधार कार्ड,एटीएम , पैन कार्ड, बायोडाटा और जाली नियुक्ति पत्र बरामद हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मूल रूप से जनपद चंदौली के अलीनगर कैली गांव का निवासी धर्मेन्द्र पाण्डेय पुत्र स्व० बसावन पाण्डेय इन दिनों वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के विभूति इन्क्लेव अपार्टमेण्ट सुन्दरपुर में किराये पर फ्लैट लेकर रहता था। धर्मेन्द्र ने अपना कमाडिंग ऑफिसर आर्मी इन्टेलीजेन्स अल्फा-1 (कर्नल) का फर्जी परिचय पत्र बना लिया था, जिसे दिखाकर लोगों को बताता था कि वह आर्मी में ऑफिसर है, जिससे लोग उसके झांसे में आ जाते थे। वह आर्मी, रेलवे, शिक्षा विभाग और अर्द्ध सैनिक बल आदि में नौकरी दिला देने का झांसा देता था, जिसमें बेरोजगार युवकों के झांसे में आ जाने पर उनसे मोटी रकम वसूलता था। वह नौकरी के नाम पर किसी से पांच लाख तो किसी से 10 लाख और दो लाख तो कई लोगों से ले चुका है।
धर्मेन्द्र पांडेय के बारे में मिलिट्री इन्टेलीजेन्स के अधिकारियों से इनपुट के आधार पर एसटीएफ ने छानबीन शुरू की। अपर पुलिस अधीक्षक एस०टी०एफ० फील्ड इकाई वाराणसी विनोद कुमार सिंह और निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने छानबीन के साथ आरोपित की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान सोमवार रात धर्मेन्द्र पाण्डेय के विभूति इन्क्लेव अपार्टमेण्ट में मौजूदगी की सटीक जानकारी मिली तो टीम ने छापेमारी कर आरोपित को दबोच लिया। एसटीएफ के स्थानीय अफसरों के अनुसार आरोपी धर्मेन्द्र पाण्डेय शुरू से शातिर और जालसाज किस्म का व्यक्ति था। उसने 03 आधार कार्ड और 03 पैन कार्ड भिन्न-भिन्न नंबर का बनवाया था। इसके अलावा ड्राइविंग लाईसेंस भी 02 अलग-अलग पता से लिया था। इसी दौरान वह नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले बिहार के कुछ अपराधियों के सम्पर्क में आ गया। उसने अब तक कई बेरोजगार युवाओं से अपने बैंक खाते में लाखों रूपये ले रखें हैं। फर्जी आधार कार्ड एवं पैन कार्ड के संबंध में धर्मेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि इन्हीं फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड से उसने विभिन्न बैंकों में खाता खुलवाया, जिससे कि वह पकड़ा न जा सके। बेरोजगार युवकों की सेना में जब नौकरी नही लगती थी और वह उससे अपना पैसा मांगते थे, तो उन्हें दूसरे विभाग में नौकरी दिलाने की बात कहकर टाल मटोल करता था।
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे थाना भेलूपुर में दाखिल किया गया। अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जायेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी