बनारस कोचिंग डिपो में सुरक्षा उपकरणों की जांच, डीआरएम ने दिए नियमित निगरानी के निर्देश

 




—रेल कोचों में लगे फायर स्मोक एवं डिटेक्शन सिस्टम की जांच पड़ताल

वाराणसी, 01 सितंबर (हि.स.)। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के रेल प्रबंधक (डीआरएम) आशीष जैन ने मंगलवार को वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर अभिषेक राय के साथ बनारस कोचिंग डिपो में अनुरक्षित हो रहे कोचों का निरीक्षण किया। उन्होंने रेल कोचों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न उपकरणों की कार्यशीलता की जांच की और अधिकारियों को सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं हर समय दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने कोचों में लगे फायर स्मोक एवं डिटेक्शन सिस्टम (एफएसएस) की जांच की। उन्होंने देखा कि धुआं या आग लगने की स्थिति में यह सिस्टम किस प्रकार अलर्ट देता है और उसके बाद क्या कार्रवाई की जाती है। उन्होंने सिस्टम के बैटरी बैकअप, अलर्ट मिलने के बाद कोच में ब्रेक लगने, सिस्टम को रीसेट करने तथा जरूरत पड़ने पर इसे बंद करने की प्रक्रिया की भी जानकारी ली। साथ ही, आग लगने की आपात स्थिति में कोच अटेंडेंट द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों की भी जानकारी ली गई। इसके अलावा उन्होंने कोचों में लगे एयर स्प्रिंग, फीबा (ब्रेक लगाने में खराबी की जानकारी देने वाला सिस्टम) और ब्रेक एक्सीलेटर की कार्यशीलता की जांच की। इन उपकरणों में किसी खराबी की स्थिति में उन्हें अलग करने की प्रक्रिया तथा संबंधित वाल्व और कॉक की स्थिति का भी परीक्षण किया गया। आपात स्थिति में यात्रियों द्वारा अलार्म चेन खींचे जाने पर उसे नियंत्रित करने की व्यवस्था की भी जांच की गई।

मंडल रेल प्रबंधक ने निर्देश दिया कि कोच में लगे सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरणों और उनके आइसोलेटिंग कॉक की स्पष्ट एवं स्थायी पहचान की जाए। इसके लिए संबंधित कॉक के सामने कोच पर स्पष्ट स्टेंसिलिंग कराने को कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर कर्मचारी संबंधित उपकरण को तुरंत पहचानकर आवश्यक कार्रवाई कर सकें। उन्होंने अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों से कहा कि सभी सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच की जाए और मिलने वाली कमियों के त्वरित निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए फायर सेफ्टी, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मंडल रेल प्रबंधक ने कोचिंग डिपो में साफ-सफाई एवं स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी