राजस्व अभिलेखों को अद्यतन और त्रुटिरहित रखना शासन की प्राथमिकता : सत्येंद्र कुमार

 


जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर राजस्व कार्यों, राजस्व न्यायालयों, कर-करेत्तर व चकबंदी कार्यों की समीक्षा की

वाराणसी, 11 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित राजस्व कार्यों, राजस्व न्यायालयों, कर-करेत्तर, चकबंदी तथा कलेक्ट्रेट के विभिन्न पटल प्रभारियों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की निर्धारित राजस्व वसूली के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक हुई प्रगति की विभागवार समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। जिन विभागों की राजस्व वसूली निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं है, वे विशेष अभियान चलाकर वसूली में तेजी लाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। बड़े बकायेदारों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करते हुए बकाया राजस्व की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण किया जाए। राजस्व वसूली की नियमित मॉनिटरिंग के साथ निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार कर उसकी निरंतर समीक्षा की जाए। बैठक में स्टाम्प एवं पंजीयन, आबकारी, परिवहन, विद्युत, खनन, मंडी समेत अन्य संबंधित विभागों की राजस्व प्राप्तियों एवं वसूली की स्थिति की समीक्षा की गई।

इसके बाद जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विभागवार प्रदर्शित प्रगति, रैंकिंग और ग्रेडिंग के आधार पर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभागवार योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धियों की समीक्षा की और कम प्रगति वाले विभागों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अंश निर्धारण से संबंधित लंबित प्रकरणों के अभियान चलाकर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक तहसील में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर निस्तारण की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही धारा-24 और धारा-34 से संबंधित लंबित वादों एवं आवेदनों का शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि पुराने एवं लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर उनके निस्तारण की दैनिक एवं साप्ताहिक समीक्षा करें। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व अभिलेखों को अद्यतन एवं त्रुटिरहित रखना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में एडीएम सिटी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, एडीएम प्रशासन, सभी उप जिलाधिकारी तथा जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी