सभी थाना क्षेत्रों में अपराध की रोकथाम के लिए प्रभावी पुलिसिंग जरूरी : डीसीपी वरूणा जोन

 


पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के वरूणा जोन में देर शाम हुई क्राइम मीटिंग

वाराणसी, 24 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के वरूणाजोन में कानून-व्यवस्था,अपराध नियंत्रण, प्रभावी पुलिसिंग को लेकर सोमवार शाम क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसीपी वरूणा जोन प्रमोद कुमार ने जोन के सभी सहायक पुलिस आयुक्त, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारियों से अपराध एवं कानून-व्यवस्था को लेकर विभिन्न बिंदुओं की जानकारी ली।

उन्होंने सभी थाना क्षेत्रों में अपराध की रोकथाम के लिए प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने तथा अपराधियों की गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने को कहा। बैठक में वांछित, वारण्टी एवं पुरस्कार घोषित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के लिए भी निर्देश दिए। लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि प्रत्येक विवेचना को साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करते हुए नियमानुसार निर्धारित 60/90 दिवस की समयावधि में निस्तारित कर दे। अनावश्यक रूप से विवेचनाओं को लंबित न रखा जाए तथा संबंधित अधिकारी नियमित रूप से उनकी समीक्षा करें।

— ई-साक्ष्य का प्रभावी उपयोग

डीसीपी ने विवेचनाओं में ई-साक्ष्य का नियमानुसार एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित एवं विधिक प्रक्रिया के अनुरूप संकलित एवं संरक्षित करने के लिए निर्देशित किया गया। इसी तरह न्यायालयों से प्राप्त समन, नोटिस आदि की तामील में ई-समन व्यवस्था का प्रभावी उपयोग करते हुए समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत तामील सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत प्रभावी वैधानिक कार्रवाई करने तथा मादक पदार्थों के स्रोत एवं नेटवर्क की जानकारी कर संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करने को भी कहा गया।

— धारा 111 बीएनएसएस के अन्तर्गत निरोधात्मक कार्यवाही

अपराध की रोकथाम एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के दृष्टिगत आपराधिक गतिविधियों में डीसीपी ने संलिप्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित कर धारा 111 बीएनएसएस के अन्तर्गत नियमानुसार निरोधात्मक कार्यवाही करने को कहा। हत्या, लूट, चोरी, वाहन चोरी, नकबजनी एवं अन्य गंभीर अपराधों की रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर प्रभावी गश्त एवं चेकिंग कराने के निर्देश दिए गए। बीट आरक्षियों एवं हल्का प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण कर आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों एवं संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी संकलित करने को कहा गया। महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करने तथा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत सार्वजनिक स्थानों, बाजारों एवं स्कूल-कॉलेज के आसपास प्रभावी पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। थाने पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनकर उसका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की हिदायत दी गई। रात्रि गश्त, पैदल गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों,वाहनों की प्रभावी चेकिंग बढ़ाने तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की सतत मौजूदगी के दिशा—निर्देश दिए गए।

डीसीपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा, तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करते हुए आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास की भावना को और मजबूत करें।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी