यूपी-112 को और प्रभावी बनाने की पहल, उत्कृष्ट पुलिसकर्मियों को मिलेगा सम्मान : पुलिस आयुक्त

 




वाराणसी, 19 जून (हि.स.)। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने यूपी-112 सेवा को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस लाइन सभागार में यूपी-112 से जुड़े पुलिसकर्मियों के साथ समीक्षा गोष्ठी की। इस दौरान उन्होंने सेवा की कार्यप्रणाली, रिस्पॉन्स टाइम, सेवा गुणवत्ता और जनसंतुष्टि के विभिन्न मानकों का आकलन किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों का उत्साहवर्धन किया।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि यूपी-112 केवल एक आपातकालीन सेवा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रतिक्रिया का प्रतीक है। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि प्रत्येक परिस्थिति में पुलिस रिस्पॉन्स वाहन (पीआरवी) का रिस्पॉन्स टाइम नौ मिनट के भीतर सुनिश्चित किया जाए। दस मिनट से अधिक विलंब होने पर संबंधित कर्मियों की समीक्षा, काउंसलिंग और आवश्यकतानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

मोहित अग्रवाल ने बताया कि वे वर्ष 2016 में यूपी-112 के प्रथम चरण तथा वर्ष 2021 में द्वितीय चरण की वर्किंग एवं टेक्निकल कमेटी के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि यूपी-112 आज देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो चुका है और प्रत्येक पीआरवी को उत्कृष्ट पुलिस सेवा का उदाहरण बनना चाहिए।

बैठक में थाना कपसेठी की पीआरवी-4967 को उच्च कॉलर संतुष्टि के लिए विशेष रूप से सराहा गया। वहीं थाना चोलापुर की पीआरवी-6137 तथा रामनगर, मिर्जामुराद और सारनाथ सर्किल की कुछ पीआरवी टीमों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि उनके नेतृत्व और सतत मॉनिटरिंग के चलते कमिश्नरेट वाराणसी की यूपी-112 सेवा प्रदेशीय रैंकिंग में लगातार शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। उन्होंने 5 मिनट 20 सेकेंड के औसत रिस्पॉन्स टाइम और 94 प्रतिशत जनसंतुष्टि स्तर को सराहनीय उपलब्धि बताते हुए कर्मियों की प्रशंसा की।

उन्होंने पीआरवी कर्मियों को प्रथम प्रतिक्रिया बल (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) की भूमिका का निर्वहन करते हुए घटनास्थल पर त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही अपनी कार्यशैली का नियमित मूल्यांकन कर सेवा की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने पर बल दिया।

गोष्ठी में पुलिसकर्मियों को अपनी बॉडी लैंग्वेज, वर्दी, व्यवहार और आचरण को उच्च मानकों के अनुरूप बनाए रखने तथा नागरिकों के प्रति विनम्र, संवेदनशील और सकारात्मक रवैया अपनाने के निर्देश भी दिए गए। ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात कर्मियों से कहा गया कि यातायात जाम, संदिग्ध गतिविधियों या किसी आपराधिक घटना की सूचना मिलने पर सक्रियता दिखाते हुए संबंधित थाने को तत्काल अवगत कराएं।

पुलिस आयुक्त ने घोषणा की कि जनपद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन पीआरवी टीमों को प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे सेवा की गुणवत्ता और जनविश्वास दोनों मजबूत हों।

गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त गोमती जोन एवं यूपी-112 प्रभारी नीतू सहित बड़ी संख्या में यूपी-112 के पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी