साइबर अपराध के बदलते स्वरूप के अनुरूप पुलिसिंग में बदलाव जरूरी : पुलिस कमिश्नर

 




—देर शाम साइबर अपराध समीक्षा गोष्ठी में सीपी ने त्वरित कार्रवाई एवं अपराधियों के पूरे नेटवर्क पर प्रहार के दिए निर्देश

वाराणसी, 21 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने साइबर अपराध के बदलते स्वरूप के अनुरूप पुलिसिंग में बदलाव पर जोर दिया है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई एवं अपराधियों के पूरे नेटवर्क पर कड़ा प्रहार के दिए निर्देश भी दिए। सोमवार शाम पुलिस कमिश्नर ने साइबर अपराध समीक्षा गोष्ठी में अफसरों को बनारस की पुलिसिंग में समयानुकूल बदलाव की आवश्यकता बताई। साइबर अपराध के बदलते स्वरूप एवं नए तौर-तरीकों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी संसाधनों, साइबर इंटेलिजेंस एवं त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों के पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।

साइबर अपराध से संबंधित प्राप्त शिकायतों, साइबर फ्रॉड करने वालों के विरुद्ध की गई कार्रवाई एवं लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने को कहा। कहा कि समस्त जोन साइबर प्रभारी प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा कर प्रगति से अवगत कराएंगे, जिससे कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने म्यूल अकाउंट खुलवाने एवं संचालित करने वाले तथा साइबर ठगी की धनराशि निकालने वालों को चिन्हित कर प्रभावी विधिक कार्रवाई करने के लिए कहा। साथ ही फर्जी सिम जारी करने वालों, फर्जी कॉल सेंटर संचालकों तथा एटीएम के माध्यम से साइबर ठगी की धनराशि निकालने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की हिदायत दी। साइबर अपराध संबंधी शिकायतों का विस्तृत परीक्षण करते हुए शिकायतों के पंजीकरण एवं लंबित प्रकरणों में प्रभावी कार्यवाही, पारदर्शिता एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

——कमिश्नरेट वाराणसी की प्रमुख उपलब्धियाँ

बैठक में बताया गया कि विगत एक वर्ष में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी ने संगठित साइबर अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश कर 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में विधिक कार्रवाई कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

—डिजिटल अरेस्ट के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

डिजिटल अरेस्ट के मामलों में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा 05 अभियोगों में 36 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से संबंधित मामलों की लगभग ₹1.20 करोड़ की धनराशि, मोबाइल फोन, चार पहिया वाहन एवं महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।

—15 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़, 175 गिरफ्तार

साइबर अपराध के संगठित नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए विगत एक वर्ष में 15 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ कर 175 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। निवेश, विदेशी नागरिकों से ठगी एवं नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले नेटवर्क को चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाई की गई।

——16,982 एनसीआरपी शिकायतों का निस्तारण

साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विगत एक वर्ष में 16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण किया गया। प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।

——25 करोड़ रूपये की धनराशि होल्ड, 4.5 करोड़ रुपये की रिकवरी

साइबर ठगी के मामलों में त्वरित वित्तीय कार्रवाई करते हुए 25 करोड़ रूपये की धनराशि होल्ड कराई गई। नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर 4.5 करोड़ रूपये की धनराशि पीड़ितों को वापस कराई गई, जिससे साइबर अपराध से प्रभावित नागरिकों को महत्वपूर्ण आर्थिक राहत मिली।

——10,176 मोबाइल नम्बर एवं 8,262 आईएमईआई ब्लॉक

साइबर अपराध में प्रयुक्त संसाधनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 10,176 मोबाइल नम्बर एवं 8,262 मोबाइल डिवाइसों के आईएमईआई नम्बर ब्लॉक कराए गए। इस कार्रवाई से साइबर अपराध में प्रयुक्त संदिग्ध मोबाइल संसाधनों के पुनः दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने में सहायता मिली। संगठित साइबर अपराध के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से गिरफ्तार अभियुक्तों में से 21 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। साइबर अपराधियों के संगठित नेटवर्क, सहयोगियों एवं आपराधिक गतिविधियों पर निरंतर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

—550 व्यक्तियों का सफल रेस्क्यू, 17 वाहन बरामद

साइबर अपराधियों के प्रलोभन एवं झांसे में आए 550 व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू कराया गया। साथ ही साइबर अपराध में प्रयुक्त 17 चार पहिया वाहन बरामद किए गए। पीड़ितों की सुरक्षा, परिजनों से समन्वय एवं आवश्यकतानुसार सुरक्षित सुपुर्दगी की कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

—25,000 से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया

साइबर अपराध की रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों एवं प्रमुख चौराहों पर 25,000 से अधिक लोगों को जागरूक किया गया। नागरिकों को साइबर ठगी के तौर-तरीकों, बचाव के उपायों एवं साइबर हेल्पलाइन संबंधी जानकारी दी गई।

बैठक में पुलिस उपायुक्त अपराध नीतू कादयान, पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार पाण्डेय, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध नृपेन्द्र, समस्त जोन साइबर प्रभारी तथा थानों के साइबर नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी