शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंंद पर दर्ज मुकदमे के विरोध में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, आन्दाेलन की चेतावनी
— प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजा ज्ञापन, उच्चस्तरीय जांच की मांग
वाराणसी, 25 फरवरी (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पाॅक्सो एक्ट में दर्ज मुकदमे के विरोध में बुधवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शंखनाद कर विरोध जताया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने किया। उन्होंने कहा कि यदि शंकराचार्य महाराज के विरुद्ध किसी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई की जाती है तो पार्टी उसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध करेगी और व्यापक आंदोलन छेड़ेगी। ज्ञापन में कहा गया है कि अमावस्या के पावन अवसर पर शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों को पुलिस द्वारा स्नान से रोके जाने, उनके साथ कथित अपमानजनक व्यवहार और बाद में गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की घटना निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह प्रकरण संत समाज और सनातन परंपरा की गरिमा से जुड़ा संवेदनशील विषय है। महानगर अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 प्रत्येक नागरिक तथा धार्मिक संप्रदायों को अपने धार्मिक आचरण और प्रबंधन की स्वतंत्रता प्रदान करते हैं। ऐसे में शंकराचार्य जैसे सर्वोच्च आध्यात्मिक पद की मर्यादा के साथ कथित रूप से किया गया व्यवहार संवैधानिक भावना के विपरीत प्रतीत होता है। ज्ञापन में पूरे घटनाक्रम को प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं ने आशंका जताई कि संत समाज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन में फसाहत हुसैन, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, सतनाम सिंह, विनोद सिंह, अशोक सिंह, गिरीश पाण्डेय, वकील अंसारी और मनीष मोरोलिया सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी