अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए:डॉ. रागिनी नायक
—कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरे प्रकरण की स्वतंत्र न्यायिक जाँच की आवाज उठाई
वाराणसी, 11 जुलाई (हि.स.)। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने ट्रस्ट को तत्काल भंग करने, चढ़ावे और चंदे का फॉरेंसिक ऑडिट कराने तथा पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की। गोलघर स्थित पराड़कर भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. नायक ने कहा कि चंदा चोरी और चढ़ावा-चोरी के स्पष्ट सबूत मिल रहे हैं। सवाल है कि भगवान राम के नाम पर जुटाया गया चंदा और चढ़ावा आखिर किसके नाम पर लूटा गया?करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं के साथ हुई धोखाधड़ी में किस-किस की संलिप्तता है,इस महापाप में कौन-कौन भागीदार हैं? लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। उनका आरोप था कि भगवान राम के नाम पर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के साथ धोखा हुआ है और इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देशभर के गरीबाें, किसानाें, मजदूराें, महिलाओं, बुजुर्गाें, युवाओं और बच्चों ने अपनी मेहनत की कमाई, बचत और आभूषण तक राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित किए थे। ऐसे में यदि चढ़ावे और चंदे के प्रबंधन में अनियमितता हुई है तो यह श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिन्दू परिषद पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान राम के नाम पर राजनीति कर देशभर से चंदा एकत्र किया गया। उन्होंने कहा कि 5 फरवरी 2020 को केंद्र सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था, जिसे मंदिर निर्माण, संचालन और दान-चढ़ावे के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद यह जिम्मेदारी इस ट्रस्ट ने कैसे निभाई,यह तो देश का बच्चा-बच्चा जान रहा है। 40 दिन में 70 चोरियाँ पकड़ी गयीं। ज़रा सोचिए, 6 सालों में कितनी और कितनों की चोरियाँ हुई होंगी? कितने चंदा चोरों और चढ़ावा चोरों की झोलियाँ भरी होंगी।
डॉ. नायक ने दावा किया कि हाल के दिनों में मंदिर परिसर में चोरी के कई मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कम समय में बड़ी संख्या में चोरी की घटनाएं उजागर हुई हैं, तो पूर्व में हुई संभावित अनियमितताओं की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस की ओर से उन्होंने मांग की कि वर्तमान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग कर धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों, प्रशासनिक विशेषज्ञों और स्वतंत्र सदस्यों को शामिल करते हुए नया, पारदर्शी और जवाबदेह ट्रस्ट गठित किया जाए। साथ ही मंदिर से जुड़े चढ़ावे और चंदे का पूर्ण फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए तथा पूरे प्रकरण की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ था, तो अनियमितताओं , चाेरी की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि सब कुछ सही था तो ट्रस्ट पदाधिकारियों के इस्तीफे क्यों स्वीकार किए गए और स्वतंत्र जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह, गुलशन अली व डॉ. राजेश गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी