मंडल आयोग लागू होने के 33 वर्ष बाद भी अतिपिछड़ा समाज को नहीं मिला समुचित अधिकार और सम्मान : राकेश चन्द्रवंशी

 


—पिछड़ा वर्ग को न्याय, अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए कांग्रेस की पांच सूत्रीय मांग

वाराणसी,05 नवम्बर (हि.स.)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक राकेश चन्द्रवंशी ने गुरूवार को कहा कि मंडल आयोग लागू हुए 33 वर्ष बीत जाने के बाद भी उत्तर प्रदेश के अतिपिछड़ा समुदाय की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन नहीं हो सका है। आज भी अति पिछड़ा समाज शोषण, पीड़ा और गुलामी की जिंदगी जीने को मजबूर है। राकेश चंद्रवशी यहां पराड़कर भवन में मीडिया से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अति पिछड़ा वर्ग की आबादी लगभग 35 प्रतिशत होने के बावजूद पंचायत से लेकर संसद तक उनकी भागीदारी आबादी के अनुपात में नहीं है। अति पिछड़ा समाज को रोजगार, शिक्षा, अधिकार, मान-सम्मान एवं राजनीतिक भागीदारी से वंचित रखा गया है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस अतिपिछड़ा वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। चंद्रवंशी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अति पिछड़ा वर्ग को न्याय दिलाने के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर हमारे प्रेरणास्रोत हैं। उनके विचारों और सामाजिक न्याय की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए अति पिछड़ा समाज को उसका हक और सम्मान दिलाना कांग्रेस पार्टी का संकल्प है। उन्होंने इसे वर्ग के सामाजिक एवं राजनीतिक उत्थान के लिए पांच सूत्रीय प्रमुख एजेंडे की घोषणा की। इसमें उत्तर प्रदेश राज्य अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन करने,पंचायत एवं निकाय चुनावों में अतिपिछड़ा वर्ग को आबादी के अनुपात में आरक्षण देने,अति पिछड़ा वर्ग अत्याचार निवारण कानून बनाने,उत्तर प्रदेश राज्य अत्यंत पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम का गठन करने और उत्तर प्रदेश राज्य की सरकारी सेवाओं में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 15 प्रतिशत कोटा लागू करने की मांग भी की। इस अवसर पर उन्हाेंने उत्तर प्रदेश के अत्यंत पिछड़ा वर्ग की 52 जातियों को न्याय दिलाने की मांग की। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में अति पिछड़ा समाज को सम्मानजनक भागीदारी मिलनी चाहिए। कांग्रेस सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर चलते हुए अतिपिछड़ा वर्ग के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय के विचारों को आत्मसात करते हुए कांग्रेस अतिपिछड़ा समाज को उसका हक दिलाने के लिए संघर्षरत है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में अतिपिछड़ा समाज को उचित राजनीतिक भागीदारी मिलनी चाहिए, जिससे सामाजिक न्याय की अवधारणा को साकार किया जा सके। ओबीसी प्रदेश महासचिव अरविन्द राजभर ने पंचायत चुनाव में अतिपिछड़ा वर्ग के लोगों को कांग्रेस पार्टी की ओर से अधिक से अधिक संख्या में उम्मीदवार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अतिपिछड़ा समाज को राजनीतिक भागीदारी देकर ही सामाजिक न्याय के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी