लोकतंत्र केवल चुनावों से नहीं, बल्कि नागरिक भागीदारी, जवाबदेह प्रशासन से मजबूत हाेता है : प्रवीण प्रकाश

 


-पूर्व आईएएस ने वाराणसी को अपनी जनभागीदारी और विकास संबंधी पहलों का केंद्र बनाने का लिया संकल्प

वाराणसी, 19 सितंबर (हि.स.)। पूर्व आईएएस और कांग्रेस के नेता प्रवीण प्रकाश ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनावों से नहीं, बल्कि नागरिक भागीदारी, जवाबदेह प्रशासन और स्थानीय विकास की मजबूत संरचनाओं से सशक्त होता है। उनका मानना है कि विकसित देशों में सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, वैज्ञानिक और नीति विशेषज्ञ अपने गृह क्षेत्रों के विकास में सक्रिय योगदान देते हैं और भारत में भी इस परंपरा को मजबूत करने की आवश्यकता है।

प्रवीण प्रकाश शनिवार अपरान्ह यहां गोलघर स्थित पराड़कर स्मृति भवन में पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने बताया कि वाराणसी केवल एक धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी ही नहीं, बल्कि ज्ञान, नवाचार, उद्यमिता, पर्यटन, हस्तशिल्प, शिक्षा और सेवा क्षेत्र की अपार संभावनाओं वाला शहर है। यदि स्थानीय संसाधनों, युवाओं की ऊर्जा और प्रशासनिक अनुभव को एक मंच पर लाया जाए तो वाराणसी पूर्वांचल की विकास राजधानी के रूप में स्थापित हो सकता है। उन्होंने बताया कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के उपरांत उन्होंने वाराणसी को अपनी जनभागीदारी और विकास संबंधी पहलों का केंद्र बनाने का संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारों की नीतियों पर प्रश्न उठाना, उनके परिणामों का मूल्यांकन करना तथा वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना एक स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसी भावना के साथ वे जनहित के मुद्दों पर संवाद, शोध और नीति-आधारित विमर्श को आगे बढ़ाना चाहते हैं। अब वे अपने अनुभव, ज्ञान और प्रशासनिक समझ को सीधे जनता के साथ साझा करते हुए विकास के नए मॉडल और जनभागीदारी आधारित शासन की दिशा में कार्य करना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि लगभग तीन दशकों तक विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं नीतिगत दायित्वों का निर्वहन करने के बाद सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्णय लिया है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी