शिक्षा सिर्फ प्रमाणपत्र देने या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं : योगी आदित्यनाथ

 


—मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी से किया स्कूल चलो अभियान की शुरुआत

वाराणसी, 04 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी दौरे के दूसरे व अन्तिम दिन शनिवार को शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से पूरे प्रदेश में स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा सिर्फ प्रमाणपत्र देने या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है। यह मनुष्य को संस्कारित करने, समाज राष्ट्र को गढ़ने का सशक्त माध्यम है और उसके योजक के रूप में ईश्वर ने जो भूमिका हमारे गुरुजनों, शिक्षकों को दी है, अगर वह अपनी महती जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे तो उसके बेहतरीन परिणाम आएंगे।

मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी गुरुजनों ने मेहनत की है। ऑपरेशन कायाकल्प को नई ऊंचाई तक पहुंचाया, हर स्तर पर प्रयास किया। ऑपरेशन कायाकल्प में एक लाख 36 हजार से अधिक विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से युक्त हुए हैं। ऑपरेशन निपुण के माध्यम से सामान्य शिक्षा के बारे में बच्चों के मन मे जिज्ञासा बढ़ी है, उन्हें अक्षर ज्ञान और अंकों का ज्ञान हुआ है। यह तभी संभव हो पाया जब हमारे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने और हमारे शिक्षकों ने मेहनत की, परिश्रम किया।

बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाना ही हमारा काम

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के दौर को याद कर कहा कि हमारी सरकार ने 01 जुलाई को स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ किया था। उससे पहले प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाने का अवसर मुझे मिला था। तब बेसिक शिक्षा विभाग के भवन की जर्जर स्थिति और बंदी की कगार पर पहुंच रहे स्कूलों की स्थिति को देखा था। मुख्यमंत्री ने एक स्कूल का खास तौर पर जिक्र कर कहा कि एक स्कूल में गया था, जहां प्रधानाचार्य ने बताया कि अब उनके स्कूल में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है। 10 से कम बच्चे रह गए हैं, नए सत्र में शायद ये बच्चे भी न आएं। मैंने प्रधानाचार्य से पूछा कि आखिर ये बच्चे कहां जा रहे हैं, जवाब मिला- बच्चों में पढ़ने की रुचि नहीं है। तब मैंने उनसे कहा था कि बच्चों में पढ़ने की रुचि नहीं या आप में पढ़ाने की रुचि नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाना ही हमारा काम है। अगर शिक्षक अपनी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे तो परिणाम बेहतर आएंगे।

पहले की सरकारों के एजेंडे में शिक्षा नही थी

मुख्यमंत्री ने कहा कि तत्कालीन सरकार के एजेंडे में शिक्षा नहीं थी। गरीब बच्चों के बारे में किसी को कोई चिंता नहीं थी। लोग नकल कराते थे। इसलिए नकल कराते कि उनके स्कूल में पढ़ाई न हो। याद रखिये, सामाजिक और आर्थिक समानता लानी है। सामाजिक न्याय के लक्ष्य को सही मायने में जमीनी धरातल पर उतारना है, तो हमको सबको शिक्षित करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश के सभी स्कूलों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग टॉयलेट, पेयजल की सुविधा है। ड्रॉप आउट रेट 19 फीसद से घटकर तीन फीसदी पर पहुंच गया है। हमें इसे शून्य फीसदी पर लाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हम स्कूली शिक्षा पर 80 हजार करोड़ से अधिक की राशि खर्च करते हैं। इसका रिजल्ट आना चाहिए, यह पैसा इसलिए दिया जाता है, जिससे परिणाम प्राप्त हो। परिणाम के वाहक शिक्षक व बेसिक शिक्षा के अधिकारी हैं। आपने मेहनत की, सरकार आपके साथ खड़ी है।

बजट में कस्तूरबा गांधी विद्यालय के लिए पैसा दिया

मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि हमने इस बार बजट में कस्तूरबा गांधी विद्यालय के लिए पैसा दिया। श्रमिकों के लिए और निराश्रित बच्चों के लिए कोई जगह नहीं थी, तो श्रमिकों और निराश्रित बच्चों के लिए हम लोगों ने अटल आवासीय विद्यालय प्रारंभ किए। उन्होंने बताया कि छह वर्ष का बच्चा होगा, उसका पहली क्लास में एडमिशन होगा लेकिन तीन से छह वर्ष के बच्चे क्या करेंगे ? उनके लिए प्री-प्राइमरी के रूप में बाल वाटिका हर आंगनबाड़ी केंद्र में बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा है। हमने धनराशि की व्यवस्था की है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले के पांच निपुण विद्यालय, पांच निपुण बच्चे व पांच नव प्रवेशी बच्चों को सम्मानित भी किया। इस अभियान को लेकर विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने 12 स्टॉल भी लगाए थे। जिसका मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया।

प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करें और बच्चों का नामांकन कराएं। स्कूल चलो अभियान का पहला चरण 15 अप्रैल तक और दूसरा चरण एक जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगा। कार्यक्रम में प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, वाराणसी के संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह, एडी बेसिक हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव आदि भी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी