पहले ‘आश्वासन पर आश्वासन’ मिलता था, अब ‘सौगात पर सौगात’ मिलती है : मुख्यमंत्री याेगी
मुख्यमंत्री और रेलमंत्री ने देखीं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सुविधाएं, स्कूली बच्चों से की बातचीत, सीएम योगी ने बांटी चॉकलेट
वाराणसी, 31 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार शाम वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर, बनारस-प्रयागराज- रामबाग ट्रेन व वाराणसी सिटी- राजातालाब ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। दोनों राजनेताओं ने भीतर जाकर ट्रेन की सुविधाएं देखीं। उन्होंने स्कूली बच्चों और लोको पायलट से बातचीत की। एक बच्चे ने ट्रेन को लेकर बनाई अपनी आकर्षक पेंटिंग भी दोनों नेताओं को भेंट की। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट भी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली व छठ से पहले काशीवासियों को तीन ट्रेनों की सुविधा मिलने की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों का वृतांत सुनाते हुए कहा कि पहले ‘आश्वासन पर आश्वासन’ मिलता था, अब आमजन को ‘सौगात पर सौगात’ मिलती है।
—प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी नेतृत्व में हो रहा नए भारत का दर्शन
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजनरी नेतृत्व में नए भारत का दर्शन हो रहा है। आज अखंड भारत के शिल्पी लौहपुरुष वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती है। भारत के 563 रियासतों को भारत के गणराज्य का हिस्सा बनाकर पटेल ने अखंड भारत के निर्माण में महती भूमिका का निर्वहन किया था, ऐसे ही भारतीय रेल उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम संपूर्ण भारत को एकता के सूत्र में जोड़कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व राष्ट्रनायकों के सपनों को साकार कर रही है।
——अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेल को दिया आधुनिक स्वरूप
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अश्विनी वैष्णव ने गरीब, बुजुर्ग व आम भारतीय की सवारी रेल को आधुनिक स्वरूप दिया है। हम बदलते हुए भारत में बदलती हुई रेल को देख रहे हैं। कभी उत्तर प्रदेश में आधा ब्रॉडगेज, कभी आधा मीटरगेज रहता था। हम संसद में मुद्दा उठाते थे, लेकिन तारीख पर ताऱीख की तरह आश्वासन पर आश्वासन मिलता था। आज यूपी की सभी लाइन ब्रॉडगेज की हैं और यह विद्युतीकरण से जुड़ी हुई हैं।
——अब 8-9 घंटे में पहुंचेंगे काशी से दिल्ली
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल से काशी से दिल्ली की दूरी 13-14 घंटे में पूरी होती थी, लेकिन अत्य़ाधुनिक सुविधाओं से युक्त यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन महज 8-9 घंटे में पहुंचाएगी जिससे श्रम व समय बचेगा। सीएम ने कहा कि 15 फरवरी 2019 को पीएम मोदी ने दिल्ली से वाराणसी तक देश की पहली वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ किया था। हमें चेयर कार में बैठकर जाना-आना होता था, लेकिन आज स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ हो रहा है।
——सुखद होगी आध्यात्मिक राजधानी से राष्ट्रीय राजधानी तक की यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक राजधानी काशी से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को जोड़ने की वंदे भारत स्लीपर की यह यात्रा सुखद व मंगलमय होगी। काशी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में रेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। काशी में राजातालाब तक मेमू का संचालन स्थानीय नागरिकों को बेहतरीन सुविधा देगी। किसान, नौजवान, अधिवक्ता, व्यापारी, युवा समेत हर नागरिक महज 95 रुपये में महीने भर की यात्रा कर सकते हैं। काशी व प्रयागराज भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक नगरी है, इनके बीच की यात्रा के लिए मेमू सर्विस का शुभारंभ हो रहा है। इसमें एक महीने की यात्रा महज 220 रुपये में होगी। कोई व्यक्ति एक दिन में चाय-पान और खुद पर जितना खर्च करता है, उतना यहां एक महीने में यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह दो आध्यात्मिक शहरों को जोड़ने, लाखों श्रद्धालुओं- वादकारियों, हजारों अधिवक्ताओं व छात्रों के लिए अभिनव प्रयोग है। भारतीय रेल तेजी से नए इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ बढ़ी है।
——नए इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ बढ़ी भारतीय रेल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी अनमैन लेवल क्रॉसिंग चुनौती थी। ट्रेन-मालगाड़ी से प्रायः वाहनों की टक्कर होने से सैकड़ों जानें जाती थीं। जानवर चपेट में आ जाते थे लेकिन अब हर ऐसी क्रॉसिंग पर अंडरपास या रेलवे ओवरब्रिज है। यह कदम जनता के प्रति संवेदना का उदाहरण है। अब यात्रा के समय में भी बचत होती है।
——ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की 1000 किमी. की दूरी उत्तर प्रदेश में हो रही तय
सीएम ने कहा कि अब ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की 1000 किमी. की दूरी उत्तर प्रदेश में तय हो रही है। इसने मालगाड़ी को अलग लाइन दे दी है। पहले कोलकाता से काशी आने में मालगाड़ी को कई दिन लगते थे। पहले सामान व कच्चा माल खराब हो जाता था। अब अलग लाइन होने पर समय से सुरक्षित सामान पहुंचता है। रेल व मालगाड़ी की स्पीड बढ़ी है और दूरियां कम हुईं हैं।
—दिल्ली व वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की कार्ययोजना तैयार
सीएम ने कहा कि दिल्ली व वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की कार्ययोजना तैयार हुई है। इससे साढ़े 3 घंटे में दिल्ली से वाराणसी की दूरी तय होगी, जो हवाई जहाज से सरल, सुगम व सस्ती होगी। काशी में अब अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन है। रेलवे स्टेशन पर काशी का स्वरूप पर दिखेगा। उप्र में 157 रेलवे स्टेशन आधुनिक हुए हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज में हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गंदगी मे रहने वालों ने गंदा स्वरूप दिया था। विकास को पसंद न करने वालों ने विकास को प्राथमिकता नहीं दी। स्वच्छ भारत अभियान का स्वरूप सर्वत्र दिखा। पहले रेल की पटरियों पर गंदगी, बदबू रहती थी। आज रेलवे स्टेशन, कोच में आधुनिक टॉयलेट हैं और पटरी साफ रहती है। हर जगह स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है। सीएम ने साफ किया कि हमारी सरकार के पास ऐसे कार्य करने की साफ नीयत, स्पष्ट नीति, दृढ़ संकल्प के साथ बढ़ने का विजन है।
——मुख्यमंत्री ने गिनाया काशी का विकास
सीएम ने काशी के विकास को भी गिनाया। कहा कि यहां आधुनिक सुविधाएं, रेल की नई कनेक्टिविटी, सेवाएं, सड़कें, एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम, तीर्थों के विकास के लिए प्रयास हो रहे हैं। काशी की पहचान घाटों के नाम पर थी, अब वह भी अत्याधुनिक स्वरूप में दिख रहे हैं। सीएम ने कहा कि 25 अक्टूबर को पीएम मोदी काशी आए थे। काशी व आसपास के 25 लाख लोगों ने नमो घाट पर एयरशो में नए भारत की तस्वीर के जरिए भारत की रक्षा सेनाओं के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को देखा। सीएम ने कहा कि करने की इच्छाशक्ति होनी चाहिए, हर काम आसान हो सकता है। पीएम ने व्हीलपावर के साथ जो बढ़ाने का निर्णय लिया, हर क्षेत्र में उसके सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। इस अवसर पर प्रयागराज से वर्चुअल रूप से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी जुड़े रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी