वंदे भारत स्लीपर के 16 कोच में एक साथ 823 यात्री कर सकते हैं यात्रा : मुख्यमंत्री
—मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बनारस रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों को दी जानकारी
वाराणसी, 31 अक्टूबर (हि.स.)। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ शनिवार को बनारस रेलवे स्टेशन से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रवाना करने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की विशेषता से भी परिचित कराया। उन्होंने बताया कि इसमें 16 कोच लगे हैं। इसमें एक साथ 823 यात्री यात्रा कर सकते हैं। इसमें अनेक आधुनिक सुविधाएं भी हैं। छात्रों समेत अनेक वर्ग के लोग इस यात्रा का लाभ लेकर अभिभूत हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया और कहा कि उन्होंने उत्तर भारत की पहली बुलेट ट्रेन की सुविधा (दिल्ली-वाराणसी) को जोड़ने की कार्ययोजना को मंजूरी दी। बुलेट ट्रेन यात्रा की इस दूरी को और कम करने में सफल होगी।
उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ रेल मंत्री के द्वारा किया गया। भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक राजधानी काशी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए रेल मंत्री का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के दो आध्यात्मिक व सांस्कृतिक नगरों, काशी से प्रयागराज को जोड़ने के लिए मेमू ट्रेन का भी शुभारंभ हुआ है। लाखों श्रद्धालुओं के साथ यूपी का हाईकोर्ट प्रयागराज में होने के कारण जिन अधिवक्ताओं, वादकारियों को वहां जाने में पहले असुविधा होती थी, अब यह मेमू ट्रेन उन्हें सुविधा दिलाएगी। हर वर्ग के आवागमन के लिए वाराणसी से राजातालाब तक मेमू ट्रेन का शुभारंभ हुआ है। यह सुविधाएं दीपावली से पहले काशी के लोकप्रिय सांसद व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गईं हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेल प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन व विभागीय मंत्री के नेतृत्व में आधुनिक रेल के रूप में खुद को स्थापित कर चुकी है। नमो भारत, वंदे भारत, अमृत भारत का संचालन हो रहा है। स्वदेशी कोच के निर्माण की कार्रवाई समयबद्ध ढंग से बढ़ रही है। अनमैन रेलवे क्रासिंग को फ्लाईओवर या अंडरपास से जोड़कर घटना-दुर्घटना को रोकने की पुख्ता व्यवस्था हुई। ब्रॉडगेज की लाइनों को विद्युतीकरण से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल के संचालन की केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि स्केल को स्किल से जोड़ने का आधुनिक प्रयास हुआ है। यात्री सुविधाएं बढ़ीं, जिससे समय व श्रम में भी बचत हुई है। ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर ने कछुए की चाल से चलने वाली मालगाड़ी को नई लाइन दे दी है। सिंगल लाइन की जगह अब डबल लाइन हो गई। आज की आवश्यकताओं के अनुरूप पूरे देश में सुविधाओं में वृद्धि की जा रही है। दीपावली व छठ से ठीक पहले आमजन को यह सौगात दी गई।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी