शिक्षक के परिवार में कोई चिकित्सा की जरूरत पड़ेगी तो अब वे परेशान नहीं होंगे : संदीप सिंह
वाराणसी, 08 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बुधवार को बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों तथा शिक्षामित्रों के लिए शुरू हुई मुख्यमंत्री कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की जमकर सराहना की। वाराणसी में उन्होंने कहा कि यह योजना शिक्षकों और उनके परिवार के लिए बड़ा सहारा है। आज 12 लाख शिक्षक को यह लाभ मिलने जा रहा है। शिक्षक के परिवार में कोई चिकित्सा की जरूरत पड़ेगी तो अब वह परेशान नहीं होगा, उन्हें अब कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगा।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल, बड़ा लालपुर में आयोजित कार्यक्रम में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों तथा शिक्षामित्रों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की शुरूआत के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाता ही नहीं है बल्कि राष्ट्र का निर्माण भी करता है। शिक्षक जब चिंता मुक्त हो तभी वह बेहतर प्रदर्शन कर पाएगा, तभी बच्चों के भविष्य को संवार पाएगा। बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक परिवार की मांग थी कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिले, यह मांग आज पूरी होने जा रही है।
कार्यक्रम में प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने आज के दिन को प्रदेश के शिक्षकों के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि काशी की पावन धरती से मुख्यमंत्री कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की शुरूआत हो रही है। आज से शिक्षकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा, उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा मिलेगी। परिवार सुखी रहता है तो कोई भी चिंता मुक्त होकर काम करता है। इस योजना से शिक्षक अपने परिवार पर आश्रित नहीं रहेगा, बल्कि परिवार उस पर आश्रित रहेगा। उन्होंने कहा कि सुख अस्थायी होता है लेकिन प्रसन्नता स्थायी होती है। यह प्रसन्नता मुख्यमंत्री ने दी है। जब तक जीवन है, तब तक इस योजना के माध्यम से शिक्षकों और उनके परिवार को प्रसन्नता मिलेगी। आप अपने परिवार को लेकर बिल्कुल बेफिक्र हो जाएंगे। प्रदेश सरकार आपके और आपके परिवार के साथ है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षा में कोई नकल करते नहीं पकड़ा गया। न ही पेपर लीक हुआ। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 18 माध्यमिक विद्यालयों में ड्रीम लैब बनाए जा रहे हैं, जिसका एमओयू हो चुका है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी