सेन्ट्रल हिन्दू ब्वाॅयज स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों को दिया गया सीपीआर देने का प्रशिक्षण
—कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती क्षणों के महत्व को बताया गया,सीएमओ की पहल
वाराणसी,19 सितंबर (हि.स.)। आज के भागमभाग तनाव भरे दौर में कार्डियक अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं को देख लोगों में जागरूकता एवं जीवनरक्षक कौशल को बढ़ावा देने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी डॉ. एन.पी. सिंह ने जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला पर बल दिया है। सीएमओ के निर्देश पर शनिवार को कमच्छा स्थित सेन्ट्रल हिन्दू ब्वाॅयज स्कूल में छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारीयों के लिए सीपीआर एवं एईडी जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राजकीय चिकित्सा अधिकारी एवं सीपीआर विशेषज्ञ डॉ. शिव शक्ति प्रसाद द्विवेदी ने छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान करने की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी। डॉ. द्विवेदी ने सीपीआर छाती पर सही तरीके से कंप्रेशन, आपातकालीन सहायता के लिए कॉल करने तथा एईडी के उपयोग का लाइव प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों से व्यावहारिक अभ्यास भी कराया।
उन्होंने कहा कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर शुरू की गई सीपीआर किसी व्यक्ति को जीवन की दूसरी संभावना दे सकती है। इसलिए सीपीआर का प्रशिक्षण केवल स्वास्थ्यकर्मियों तक सीमित न रहकर प्रत्येक नागरिक, विशेषकर विद्यार्थियों और शिक्षकों तक पहुंचना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालय की छात्रों एवं शिक्षिकों को ऐसा जीवनरक्षक कौशल प्रदान करना था, जिसका उपयोग वे आवश्यकता पड़ने पर अपने परिवार, विद्यालय तथा समाज में कर सकें। कार्यशाला में छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने इस महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यक्रम के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान विद्यालय की प्राचार्या डॉ स्वाती अग्रवाल, उप-प्राचार्य महेश चन्द्र जायसवाल भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी