वाराणसी के सीएचसी चोलापुर में नवजात को मिला नया जीवन, एनीमिया का सफल उपचार
—विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखभाल से 26 दिन के बाद स्वस्थ होकर घर लौटा शिशु
वाराणसी, 20 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर में चिकित्सकों की तत्परता एवं विशेषज्ञ उपचार से 26 दिन के एक नवजात शिशु का सफल उपचार कर उसे नया जीवन दिया गया। बुधवार को शिशु को स्वस्थ अवस्था में केन्द्र से घर के लिए डिस्चार्ज किया गया।
दरअसल, चोलापुर क्षेत्र की निवासी निर्मला एवं मोनू कहार के 26 दिन के नवजात शिशु को गंभीर पीलिया एवं गहन एनीमिया की स्थिति में बीते 14 मई को सीएचसी चोलापुर में डॉ. आकांक्षा सिंह की पीडियाट्रिक ओपीडी में लाया गया। जांच के दौरान नवजात के हथेलियों एवं तलवों तक पीलापन फैला हुआ पाया गया। प्रयोगशाला जांच में हीमोग्लोबिन 5.1 ग्राम/डेसिलीटर तथा सीरम बिलीरुबिन 14 मिलीग्राम/डेसिलीटर पाया गया। नवजात के शरीर में गंभीर एनीमिया एवं हाइपरबिलीरुबिनेमिया को देखते हुए चिकित्सकों ने हाई परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी (एचपीएलसी) जांच कराई गई, जिसमें हेमोलिटिक एनीमिया तथा संभावित बी-थैलेसीमिया का संकेत प्राप्त हुआ।
केन्द्र के अधीक्षक डॉ आरबी यादव के अनुसार नवजात को तत्काल गहन फोटोथेरेपी प्रदान की गई तथा 24 घंटे के अंतराल पर दो पैक्ड रेड ब्लड सेल ट्रांसफ्यूजन किए गए। उपचार के उपरांत शिशु का हीमोग्लोबिन बढ़कर 11.4 ग्राम/डेसिलीटर हो गया तथा उसकी क्लिनिकल स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। नवजात को लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया और संतोषजनक स्थिति में बुधवार को छुट्टी दे दी गई।
डॉ. आरबी यादव ने बताया कि, सीएचसी चोलापुर में उपलब्ध चिकित्सीय सेवाओं एवं विशेषज्ञ टीम की तत्परता के कारण गंभीर स्थिति में आए नवजात का सफल उपचार संभव हो सका। हमारी प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को भी समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने कहा कि, “जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी