श्री काशी विश्वनाथ धाम में चैत्र नवरात्र के छठवीं निशा में नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियां

 


— सांस्कृतिक संध्या में दिखा भक्ति एवं कला का संगम,“हर-हर महादेव” का उदघोष

वाराणसी, 24 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में वासंतिक चैत्र नवरात्र के छठवें दिन मंगलवार शाम श्री काशी विश्वनाथ धाम के शिवार्चनम मंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भक्ति एवं कला का अद्भुत संगम दिखा। नौ दिवसीय सांस्कृतिक संध्या श्रृंखला में भक्ति, संगीत एवं नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने सम्पूर्ण धाम परिसर को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कलाकारों के भावपूर्ण प्रस्तुतियों के साथ हुआ, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रस में सराबोर कर दिया। सांस्कृतिक संध्या में छह वर्षीय मैथिली ने सर्वप्रथम शिवार्चनम मंच साझा किया। इस दौरान “हर-हर महादेव” के जयघोष से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा । संचालन वाराणसी की मीनाक्षी दीक्षित ने किया। उन्होंने अपने दमदार आवाज से सम्पूर्ण आयोजन को एक सूत्र में पिरोए रखा। संध्या में नीरज मिश्र ने अपने मधुर एवं भावपूर्ण सितार वादन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उनकी प्रस्तुति में शास्त्रीय संगीत की गहराई एवं आध्यात्मिकता का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी क्रम में डॉ. सरोज वर्मा ने अपने सुमधुर स्वर में भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी। विदुषी वर्मा ने अपनी मधुर एवं सरस गायकी से भजनों को जीवंत किया। डॉ. प्रार्थना सिंह एवं उनके समूह ने सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति की। जो आकर्षक एवं भावप्रवण रहा। नृत्य के माध्यम से देवी उपासना एवं भारतीय सांस्कृतिक भावभूमि का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी