वाराणसी : बरेका ने रचा नया इतिहास, 572 रेल इंजनों का किया अभूतपूर्व निर्माण

 


—अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन, पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 फीसद की वृद्धि

वाराणसी, 31 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने भारतीय रेल के औद्योगिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन पर 572 रेल इंजनों का निर्माण कर बरेका ने अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया है। महाप्रबंधक आशुतोष पंत के नेतृत्व में बरेका की उपलब्धि उत्कृष्ट तकनीकी क्षमता, कुशल प्रबंधन और अधिकारियों, कर्मचारियों की अथक मेहनत का सशक्त प्रमाण है।

बरेका के जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 477 रेल इंजनों का निर्माण हुआ था, जबकि इस वर्ष उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि न केवल बरेका बल्कि पूरे भारतीय रेल परिवार के लिए गर्व का विषय है।

—इस वित्तीय वर्ष में निर्मित 572 लोकोमोटिव में शामिल हैं,भारतीय रेलवे के लिए 558 आधुनिक विद्युत लोकोमोटिव, जिसमें डब्ल्यूएजी-9 – 401 (माल वाहक इलेक्ट्रिक लोको), डब्ल्यूएपी-7 – 143 (यात्री वाहक इलेक्ट्रिक लोको),अमृत भारत लोको – 14,मोजांबिक को निर्यात के लिए 10 डीजल लोकोमोटिव एवं घरेलू ग्राहकों हेतु 04 डीजल लोकोमोटिव हैं।

बताते चले, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 553 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लक्ष्य के मुकाबले 558 लोकोमोटिव का निर्माण किया गया, जो लक्ष्य से लगभग 1 प्रतिशत अधिक एवं पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत है।

—11259 रेल इंजनों के निर्माण का गौरवशाली सफर

स्थापना से लेकर अब तक बरेका कुल 11259 रेल इंजनों का निर्माण कर चुका है, जिनमें 2925 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शामिल हैं। यह उपलब्धि भारतीय रेल की आत्मनिर्भरता और तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में बरेका के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है।

——आधुनिक तकनीक और क्रू कंफर्ट पर विशेष ध्यान

बरेका में निर्मित लोकोमोटिव में चालक दल की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत लोको कैब में वाटरलेस यूरिनल,सीएलआई सीट, सिग्नल एक्सचेंज लाइट डीपीडब्ल्यूसीएस, ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है। इन नवाचारों के परिणामस्वरूप बरेका को प्रोडक्शन यूनिट श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ लोको कैब का प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।

—अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता बरेका

यूरोपियन स्टैंडर्ड की प्रतिष्ठित संस्था यूएनआईएफई द्वारा बरेका को इंटरनेशनल रेलवे इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के अंतर्गत आईएसओ 22163 का सिल्वर ग्रेड प्रमाण-पत्र लगातार दूसरी बार प्रदान किया गया है। बरेका में उत्कृष्ट उत्पादन के साथ-साथ बरेका ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है। वर्षा जल संचयन के लिए तालाबों एवं सोक पिट के माध्यम से हर वर्ष हजारों लीटर वर्षा जल का संचय किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बरेका में ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट की स्थापित क्षमता 3874 किलोवाट-पीक है। रेल मंत्रालय ने बरेका को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 642 विद्युत रेल इंजनों के निर्माण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य सौंपा है।

— ऐतिहासिक उपलब्धि पर महाप्रबंधक ने दी बधाई

इस बड़ी उपलब्धि पर महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने टीम बरेका के अधिकारियों, कर्मचारियों और महिला कर्मियों एवं उनके परिवार जनों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता बरेका के कर्मठ कर्मचारियों की मेहनत, तकनीकी दक्षता और रेलवे बोर्ड द्वारा दिए गए लक्ष्य को स्वीकार करने की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि बरेका आने वाले इस वित्तीय वर्ष में भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी