वाराणसी : ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान, बीएचयू में लगाए जाएंगे 5,000 पौधे

 


—कुलपति और महापौर वाराणसी ने मालवीय भवन से किया अभियान का शुभारंभ

वाराणसी, 20 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत नगर निगम के सहयोग से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में गुरूवार से वृहद पौधरोपण अभियान का शुभारंभ हुआ। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, महापौर वाराणसी अशोक तिवारी तथा कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने मालवीय भवन परिसर में सफेद चंदन के पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के लिए वाराणसी नगर निगम ने विश्वविद्यालय परिसर में 5,000 पौधे एवं उनके संरक्षण के लिए स्टील ट्री गार्ड भी उपलब्ध कराए गए हैं।

पौधरोपण के दौरान कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालय परिसर में लगाए जाने वाले पौधों के चयन और उनके महत्त्व को लेकर विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से 5,000 पौधे लगाए जाने के उद्देश्य तथा चयनित पौधों की विभिन्न प्रजातियों के बारे में भी जानकारी ली। कुलपति ने इस हरित पहल के लिए नगर निगम की सराहना करते हुए उनके सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल परिसर के रूप में विकसित करने में नगर निगम का यह सहयोग महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कुलपति जी के रोपे गए पौधों के संरक्षण पर भी बल दिया।

इस अवसर पर महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में जिन प्रजातियों के वृक्ष उपलब्ध नहीं हैं अथवा जिन वृक्षों की संख्या कम है, नगर निगम उन्हें उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को आवश्यकतानुसार विभिन्न प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराकर नगर निगम काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की हरित विरासत को और समृद्ध करने तथा व्यापक हरित अभियान में अपना योगदान देगा। कार्यक्रम में सफेद चंदन, जारुल और आम के पौधों का रोपण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। चंदन भारतीय संस्कृति और परंपरा में विशेष महत्त्व रखने वाला वृक्ष है, वहीं जारुल अपने सुंदर पुष्पों तथा आम अपनी छाया, फल एवं पर्यावरणीय उपयोगिता के लिए जाना जाता है।

विश्वविद्यालय की उद्यान विशेषज्ञ इकाई के साथ समन्वय से इस अभियान को अमली जामा पहनाया जा रहा है। उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफ़राज आलम ने बताया कि पौधरोपण के लिए ऐसे पौधों का चयन किया जा रहा है, जो इस क्षेत्र के जलवायु व वातावरण के अनुकूल हो तथा जिन प्रजातियों के पौधो की संख्या विश्वविद्यालय में सीमित है। इकाई के वरिष्ठ अधिकारी अश्विनी देशवाल ने बताया कि पहले दिन 51 पौधे रोपित किए गए। इस अवसर पर रोहनिया के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने मौलश्री का पौधा लगाया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी