मनुष्य वास्तविक बुद्धि संपन्न परिष्कृत रोबोट, युवा छात्रों को अन्वेषक बनना चाहिए : पद्मश्री प्रो. ए.एस. किरण कुमार
—बीएचयू में तीन दिवसीय विज्ञान महोत्सव 'प्रज्ञान 2026' का आगाज
—लाइव साइंस शो आकर्षण
वाराणसी, 10 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चेयरमैन पद्मश्री प्रो. ए.एस. किरण कुमार ने विज्ञान के विद्यार्थियों को भारत की अंतरिक्ष गतिविधियों की पूरी यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने प्रसिद्ध भौतिकशास्त्री एवं खगोलशास्त्री प्रो. विक्रम साराभाई के दूरदर्शी विचारों तथा चंद्रयान-3 की सफलता की कहानी भी साझा की।
प्रो. ए.एस. किरण कुमार शुक्रवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक विज्ञान महोत्सव 'प्रज्ञान 2026' के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। महोत्सव मे शामिल कक्षा 6 से 12 तक के 1800 से अधिक विद्यार्थियों के लिए यादगार और प्रेरक टिप्स देने के साथ प्रो. ए.एस. किरण कुमार ने उन्हें प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी इंद्रियों का उपयोग कर इतिहास रचें, सही प्रश्न पूछें तथा प्रकृति से अवलोकन नोट करें। उन्होंने कहा कि मनुष्य वास्तविक बुद्धि संपन्न परिष्कृत रोबोट हैं और युवा छात्रों को अन्वेषक बनना चाहिए तथा विज्ञान व प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग कर राष्ट्र को आगे ले जाना चाहिए।
विज्ञान संस्थान के संकाय प्रमुख प्रो.आर.के. श्रीवास्तव ने कहा कि यह विज्ञान महोत्सव वास्तव में बहुत खास है। क्योंकि इसमें तीन पीढ़ियों का सहयोग है। आज के समय में जेन ज़ी, जेन अल्फा के साथ जेन वाई द्वारा आयोजित। छात्र सलाहकार, विज्ञान संस्थान प्रो. मधु टपड़िया ने कहा कि “सफलता के कोई शॉर्टकट नहीं हैं और सफलता प्राप्त करने के लिए बॉक्स के बाहर सोचना तथा सही प्रश्न मन में रखना आवश्यक है।” महोत्सव में वाराणसी और आसपास के जिलों सहित दूरस्थ क्षेत्रों के 100 से अधिक स्कूलों के विद्यार्थी भाग ले रहे है। छात्र नवीन विज्ञान मॉडल, पोस्टर, क्विज़ और प्रायोगिक गतिविधियों का प्रदर्शन कर रहे है। दो दिन आईआईटी-बीएचयू के रोबोटिक्स क्लब, एरो मॉडलिंग क्लब द्वारा संचालित विशेष विज्ञान वर्कशॉप और लाइव साइंस शो इस महोत्सव के प्रमुख आकर्षण होंगे । यह कार्यक्रम 'मेक इंडिया साइंटिफिक' नामक छात्र-नेतृत्व वाली शैक्षिक पहल ने आयोजित किया गया, जिसमें विज्ञान संस्थान, बीएचयू और आईआईटी-बीएचयू के ३०० से अधिक विद्यार्थी शामिल हैं। महोत्सव में पहले दिन डॉ. अवनीश सिंह, प्रो. आर.के. सिंह, विभागाध्यक्ष, भौतिकी, प्रो. अभय कुमार सिंह, प्रो. सुरेंद्र प्रसाद, प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, डॉ. प्रिंस राज, प्रो. अमित कुमार, डॉ. पुरबी सैकिया, डॉ. प्रशांत सिंह, डॉ. सुरजीत रक्षित, प्रो. विनोद कुमार तिवारी भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी