दक्षिण कोरिया में बीएचयू शिक्षा संकाय के प्रोफेसर को मिला बेस्ट एकेडेमिशियन अवार्ड

 


—सियोल में आयोजित व्याख्यान में पढ़ा शोध पत्र, बेस्ट पेपर अवार्ड भी मिला

वाराणसी, 03 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के प्रोफेसर लालता प्रसाद ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रोफेसर लालता प्रसाद ने दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में बीते 27-28 जुलाई को आयोजित इंटरनेशनल मल्टीडिसिप्लिनरी कॉन्फ्रेंस ऑन एजुकेशन, रिसर्च, इनोवेशन एंड मैनेजमेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

यह जानकारी सोमवार को बीएचयू के जनसम्पर्क अधिकारी ने दी। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में प्रोफेसर डॉ. लालता प्रसाद ने रोल ऑफ लीडरशिप इन इफेक्टिव एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। साथ ही उन्होंने इसी विषय पर अपना शोध-पत्र भी प्रस्तुत किया। उनके शोध-पत्र एवं व्याख्यान को विभिन्न देशों से आए शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, शिक्षा प्रशासकों एवं नीति-निर्माताओं ने सराहा। शोध पत्र में डॉ. लालता प्रसाद ने प्रभावी नेतृत्व की भूमिका को बताया है। शोध पत्र के जरिए बताया गया है कि किस प्रकार नेतृत्व शैक्षिक प्रशासकों, प्रबंधकों एवं नीति-निर्माताओं को संस्थानों का प्रभावी संचालन, कुशल प्रबंधन तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

प्रोफेसर प्रसाद के उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान एवं शोध-पत्र की गुणवता को देखते हुए उन्हें बेस्ट पेपर अवार्ड तथा बेस्ट एकेडेमिशियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। विश्व के विभिन्न देशों से आए प्रतिभागियों ने सम्मेलन में अपने-अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए तथा समकालीन शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी