बीएचयू के वयोवृद्ध चिकित्सक प्रो. टीके लहरी से कथित मारपीट का मामला गरमाया, सियासत भी तेज
-प्रो. लहरी के समर्थन में सोशल मीडिया पर उठी आवाज, बीएचयू प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार
-आरोपित चिकित्सक भी रहे हैं प्रो. लहरी के शिष्य, बीएचयू ने गठित की जांच कमेटी
-कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की
वाराणसी, 06 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के वयोवृद्ध चिकित्सक और पद्मश्री से सम्मानित प्रो. टीके लहरी (85) के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि एक सितंबर को सर सुंदर लाल चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती प्रो. लहरी के साथ उनकी देखरेख में लगे चिकित्सक डॉ. अरविंद पांडेय ने अभद्रता की और थप्पड़ मारा। हालांकि, बीएचयू प्रशासन और आरोपित चिकित्सक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मामले की जांच के लिए संस्थान ने कमेटी गठित कर दी है।
रिश्तेदार के ई-मेल के बाद मामला आया सामने
प्रो. लहरी पिछले करीब आठ माह से बीएचयू के आईसीयू में भर्ती हैं। इसी दौरान उनकी स्वयं को भांजी बताने वाली केतकी ने बीएचयू के कुलपति, चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक और अन्य अधिकारियों को ई-मेल भेजकर गंभीर आरोप लगाए। केतकी का आरोप है कि प्रो. लहरी की देखरेख में लगे चिकित्सक डॉ. अरविंद पांडेय ने उन्हें गालियां दीं और थप्पड़ मारा। ई-मेल सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रो. लहरी के समर्थन में आवाज उठाते हुए आरोपित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जीवनभर मरीजों की सेवा के लिए जाने जाते हैं प्रो. लहरी
प्रो. टीके लहरी को बीएचयू और चिकित्सा जगत में मरीजों की सेवा के लिए विशेष सम्मान प्राप्त है। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन बीएचयू और मरीजों की सेवा में समर्पित कर दिया। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन तक छोड़ देने वाले प्रो. लहरी स्वस्थ रहने तक नियमित रूप से मरीजों की सेवा करते रहे। ऐसे वरिष्ठ चिकित्सक के साथ कथित दुर्व्यवहार को लोगों ने चिकित्सा जगत की गरिमा और मानवीय संवेदनाओं के विपरीत बताया है।
बीएचयू प्रशासन ने आरोपों को बताया गलत
मामला सामने आने के बाद बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि प्रो. लहरी उनके लिए प्रेरणास्रोत हैं और वह गंभीर डिमेंशिया से पीड़ित हैं। पिछले आठ माह से आईसीयू में भर्ती प्रो. लहरी की देखभाल डॉ. अरविंद पांडेय के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम कर रही है। डॉ. पांडेय स्वयं प्रो. लहरी के शिष्य रहे हैं। प्रो. संखवार ने कहा कि डॉ. पांडेय पूरी निष्ठा से गुरुसेवा कर रहे हैं। ऐसे में उन पर मारपीट का आरोप लगाना निंदनीय है।
डिमेंशिया के कारण व्यवहार में बदलाव का दावा
प्रो. संखवार के मुताबिक उन्होंने डीन प्रो. संजय गुप्ता और सर सुंदर लाल चिकित्सालय के एमएस प्रो. पुनीत के साथ प्रो. लहरी से मुलाकात की थी। उस समय प्रो. लहरी बिल्कुल ठीक थे और उनसे सामान्य बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि डिमेंशिया के कारण कभी-कभी प्रो. लहरी का व्यवहार जिद्दी हो जाता है। हालांकि, संस्थान के एमएस प्रो. पुनीत ने पूरे मामले की जांच कराने और वास्तविकता सामने लाने की बात कही है।
बीएचयू उठा रहा इलाज का पूरा खर्च
प्रो. संखवार ने बताया कि प्रो. लहरी के इलाज और देखभाल का पूरा खर्च बीएचयू उठा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रो. लहरी के एक भाई और एक बहन का परिवार कोलकाता में रहता है। संस्थान की ओर से परिजनों से संपर्क करने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन उन्होंने उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लेने में असमर्थता जताई।
—डॉक्टर ने कहा- सफाई के दौरान स्थिति बिगड़ी
आरोपित चिकित्सक डॉ. अरविंद पांडेय ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि चूंकि मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं, इसलिए वह अपना पक्ष उन्हीं के सामने रखेंगे। डॉ. पांडेय के अनुसार, प्रो. लहरी ने बेड पर ही गंदगी कर दी थी। सफाई करने पहुंचे वार्ड बॉय पर वह थूकने लगे। संक्रमण के खतरे को देखते हुए उन्हें मजबूरी में बेड से उठाकर सफाई कराई गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान थप्पड़ मारने या मारपीट करने का आरोप गलत है।
डॉ. ओम शंकर ने एफआईआर की मांग की
बीएचयू के कार्डियोलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. ओम शंकर ने भी मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मरीज किसी भी तरह का व्यवहार कर रहा हो, उसके साथ जबरदस्ती या मारपीट नहीं की जा सकती। मरीज की मानसिक या शारीरिक स्थिति चाहे जैसी हो, उसके साथ मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए। डॉ. ओम शंकर ने आरोपित चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
कांग्रेस ने भी उठाया मुद्दा, निष्पक्ष जांच की मांग
मामले में अब सियासत भी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे रविवार को बीएचयू पहुंचे और प्रो. लहरी के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
राघवेंद्र चौबे ने कहा कि 85 वर्षीय वरिष्ठ चिकित्सक के साथ इस प्रकार का व्यवहार चिकित्सा जगत की गरिमा और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी अपने अधिकृत सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए कथित घटना की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में आरोप और प्रत्यारोप दोनों सामने आ रहे हैं। एक ओर प्रो. लहरी की रिश्तेदार ने मारपीट का आरोप लगाया है, वहीं बीएचयू प्रशासन और आरोपित चिकित्सक ने इसे खारिज किया है। बीएचयू की जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट होगा।---------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी