निजी अस्पतालों में सीजीएचएस दरों पर उपचार के लिए बीएचयू ने 18 अस्पतालों के साथ किया समझौता
बीएचयू ने निजी अस्पतालों से किया बड़ा समझौता, अब सीजीएचएस दरों पर मिलेगा इलाज
वाराणसी, 01 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने अपने शिक्षकों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय ने वाराणसी के 18 प्रमुख सीजीएचएस सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। बुधवार को विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में कुलसचिव राजन श्रीवास्तव और संबंधित अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
यह पहल विश्वविद्यालय द्वारा गत सप्ताह जारी अधिसूचना के अनुरूप की गई है, जिसके माध्यम से लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए शिक्षकों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए सीजीएचएस स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा विस्तारित किया गया है।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने शिक्षकों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अस्पतालों के प्रतिनिधियों से कहा कि यह व्यवस्था दीर्घकालिक, पारदर्शी और विश्वसनीय होनी चाहिए। साथ ही योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विश्वविद्यालय आवश्यक तंत्र विकसित कर रहा है। उन्होंने शिकायतों एवं सुझावों के शीघ्र निस्तारण के लिए एक समर्पित ई-मेल शुरू करने का भी सुझाव दिया।
सीजीएचएस क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष प्रो. राकेश रमन ने बताया कि विश्वविद्यालय का कंप्यूटर सेंटर एक डिजिटल सत्यापन प्रणाली विकसित कर रहा है। इसके माध्यम से सूचीबद्ध अस्पताल बीएचयू के शिक्षकों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों की पात्रता का तत्काल ऑनलाइन सत्यापन कर सकेंगे, जिससे इलाज की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होगी।
समझौता हस्ताक्षर समारोह में चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार, सर सुंदरलाल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. के.के. गुप्ता, चिकित्सा संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता, कर्मचारी स्वास्थ्य केंद्र की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीति सिंह, वित्त अधिकारी मनोज पाण्डेय, संयुक्त कुलसचिव (वित्त) डॉ. संजय कुमार तथा सहायक कुलसचिव (सामान्य प्रशासन) अशोक शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
—देशभर में मिलेगा लाभ
बीएचयू के कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके परिवार देश के विभिन्न राज्यों में निवास करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने देशभर के सीजीएचएस सूचीबद्ध निजी अस्पतालों से आवेदन आमंत्रित किए थे। प्राप्त आवेदनों में से बेड क्षमता, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, संस्थागत क्षमता, एनएबीएच/एनएबीएल मान्यता तथा अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता और विभिन्न राज्यों की राजधानियों सहित 40 अस्पतालों का चयन किया गया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, प्रत्येक अस्पताल के साथ किया गया प्रारंभिक समझौता हस्ताक्षर की तिथि से तीन वर्ष तक प्रभावी रहेगा। सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं के इस नेटवर्क का चरणबद्ध विस्तार किया जाएगा। सभी सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
—लाभार्थियों को मिलेगा आर्थिक राहत
अब तक विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को निजी अस्पतालों में इलाज के लिए अस्पताल द्वारा निर्धारित पूरा शुल्क देना पड़ता था, जबकि विश्वविद्यालय केवल सीजीएचएस की निर्धारित दरों के अनुसार ही प्रतिपूर्ति करता था। दोनों राशियों के बीच का अंतर लाभार्थियों को स्वयं वहन करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने से इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी