बीएचयू के मालवीय शिशु विहार के छात्र आदित्य का अंतरराष्ट्रीय गणित ओलम्पियाड में 413वीं राष्ट्रीय रैंक
वाराणसी, 18 मार्च (हि.स.)। प्रतिभा उम्र की मोहताज नही होती। कम उम्र में ही कुछ बच्चे अपनी प्रतिभा से अलग पहचान बना लेते हैं। ऐसे ही मालवीय शिशु विहार, बीएचयू के कक्षा 3 के छात्र मास्टर आदित्य कुमार सोनी है। बीएचयू के सहायक कुलसचिव राज कुमार सोनी के पुत्र आदित्य ने 30 जनवरी 2026 को आयोजित यूनिफाइड इंटरनेशनल मैथ्स ओलम्पियाड में राष्ट्रीय स्तर पर 413वीं रैंक तथा उत्तर प्रदेश में 8वां स्थान प्राप्त कर अपने विद्यालय और परिवार का नाम गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 3996 रूपये मूल्य का पुरस्कार पैकेज, प्रशंसा-पत्र तथा गोल्ड मेडल ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने 05 दिसम्बर 2025 को आयोजित नेशनल लेवल साइंस टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन में अखिल भारतीय स्तर पर 1024वीं रैंक तथा राज्य स्तर पर 42वीं रैंक प्राप्त की। आदित्य अपने विद्यालय के कक्षा टॉपर भी रहे और उन्हें प्रशंसा-पत्र तथा गोल्ड मेडल ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया। इससे पहले, सितम्बर 2025 में आयोजित यूनिफाइड इंटरनेशनल साइबर ओलंपियाड उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 280वीं रैंक तथा उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में 7वां स्थान प्राप्त किया था।
बचपन से ही आदित्य ने अपनी असाधारण प्रतिभा और अध्ययन के प्रति गंभीर समर्पण का परिचय दिया है। उनके माता-पिता उन्हें ईश्वर का आशीर्वाद मानते हैं, और उनकी हर उपलब्धि उनकी जिज्ञासा, बुद्धिमत्ता और अथक परिश्रम का प्रतिबिंब है। अपने शिक्षकों के स्नेह और मार्गदर्शन—विशेषकर प्रधानाचार्या संचिता मुखर्जी, गणित की शिक्षिका वर्षा साहू, विज्ञान की शिक्षिका किरण सिंह तथा प्रेरक के रूप में विनीता है।
आदित्य का मानना है कि सूरज जैसा बनना है तो सूरज जैसा जलना होगा, नदियों सा आदर पाना है तो पर्वत छोड़ निकलना होगा, हर एक संकट का हल होगा, वो आज नहीं तो कल होगा। पिता राज कुमार सोनी बताते हैं कि आदित्य न केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट हैं, बल्कि कम्प्यूटर कौशल और प्रेरणादायक सामग्री से भी लगातार सीखते रहते हैं। पढ़ाई के साथ-साथ आदित्य खेलों में भी गहरी रुचि रखते हैं और भविष्य में क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं। उनके माता-पिता के अनुभव और समर्पण से उनका सर्वांगीण विकास निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। वर्तमान में वे कक्षा 3 की वार्षिक परीक्षा पूर्ण करने के बाद कक्षा 4 के ओलम्पियाड परीक्षाओं की तैयारी उत्साहपूर्वक कर रहे हैं। इससे पहले वे कक्षा 2 में प्रथम स्थान भी प्राप्त कर चुके हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी