32वें भारतीय खाद्य वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकीविद् सम्मेलन के प्रतीक-चिह्न का अनावरण
——दिसंबर माह में सम्मेलन, नए शोधों के आदान-प्रदान पर होगा विमर्श
वाराणसी, 29 जून (हि.स.)। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित कृषि विज्ञान संस्थान के दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग में सोमवार को 32वें भारतीय खाद्य वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकीविद् सम्मेलन (आईसीएफओएसटी-2026) के प्रतीक-चिह्न का अनावरण किया गया। यह सम्मेलन 21 से 23 दिसंबर, 2026 तक बीएचयू में एसोसिएशन ऑफ फूड साइंटिस्ट्स एंड टेक्नोलॉजिस्ट्स इंडिया, सीएसआईआर-सीएफटीआरआई तथा डीआरडीओ के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।
प्रतीक-चिह्न का अनावरण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी उपस्थित ने किया।
इस अवसर पर प्रो. चतुर्वेदी ने सम्मेलन बीएचयू में कराने के लिए आईएफसीटी आई का आभार जताया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक आयोजन नए शोधों के आदान-प्रदान, सहयोग विकसित करने, अनुसंधान सहायता प्राप्त करने तथा नवाचार को बढ़ावा देने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने पोषण, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान में खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया तथा कृषि, विज्ञान, चिकित्सा और प्रौद्योगिकी के बीच अधिक अंतर विषयी सहयोग का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, बीएचयू के पूर्व निदेशक प्रो. एस. एन. उपाध्याय ने खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा कृषि विज्ञान संस्थान से अपने लंबे जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने मेधावी एम.टेक. विद्यार्थियों के लिए स्थापित प्रो. एस. एन. उपाध्याय फेलोशिप का उल्लेख करते हुए युवा शोधार्थियों को प्रोत्साहित करने के महत्व पर बल दिया। सीएसआईआर-सीएफटीआरआई परिसर, मैसूर के आयोजन सचिव डॉ. तनाजी जी. कुद्रे ने बताया कि सम्मेलन में लगभग 25 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लगभग 100 प्रतिष्ठित वक्ता भाग लेंगे। सम्मेलन में शिक्षा, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग और नीति-निर्माण से जुड़े 2,500 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इस सम्मेलन के दौरान एक मेगा फूड एक्सपो का भी आयोजन किया जाएगा, जो नवाचारों, प्रौद्योगिकियों तथा उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। अध्यक्ष डॉ. परमजीत एस. पनेसर ने कहा कि संस्था भारत में खाद्य वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों का सबसे बड़ा पेशेवर संगठन है, जिसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त उपस्थिति है।
कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. यू. पी. सिंह ने आयोजन समिति को बधाई दी। प्रो. अनिल कुमार चौहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए वैज्ञानिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने तथा दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी में अनुसंधान को आगे बढ़ाने में इस सम्मेलन की महत्ता बताया।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी