बीएचयू में रेडियोबायोलॉजी पर आधारित दो दिवसीय लघु पाठ्यक्रम की शुरूआत,70 विद्यार्थी शामिल

 


—प्रभावी शिक्षण के लिए शिक्षक और शिक्षार्थियों के बीच मजबूत संवाद आवश्यक:कुलपति

वाराणसी,27 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान के रेडियोथेरेपी एवं विकिरण चिकित्सा विभाग की ओर से रेडियोबायोलॉजी: अवधारणाएं एवं अनुप्रयोग विषयक दो दिवसीय अल्पकालिक पाठ्यक्रम की शुरूआत शनिवार से हुई। इस पाठ्यक्रम में देश के विभिन्न भागों से आए लगभग 70 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों एवं युवा पेशेवर भाग ले रहे हैं। पाठ्यक्रम मे रेडियोबायोलॉजी में हालिया प्रगति एवं उभरते अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कार्यक्रम का उद्घाटन कर कहा कि किसी भी कक्षा या शैक्षणिक कार्यक्रम में सीखने की गुणवत्ता केवल वक्ता पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि श्रोताओं की सक्रिय भागीदारी पर भी निर्भर करती है। उन्होंने प्रतिभागियों को जिज्ञासु बने रहने, प्रश्न पूछने तथा विशेषज्ञों के साथ सार्थक संवाद स्थापित कर पाठ्यक्रम का अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रभावी शिक्षण के लिए शिक्षक और शिक्षार्थियों के बीच मजबूत संवाद आवश्यक है तथा सहभागिता और जिज्ञासा सीखने की प्रक्रिया को और अधिक समृद्ध बनाती है। प्रो. चतुर्वेदी ने रेडियोथेरेपी एवं रेडिएशन मेडिसिन विभाग को शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में देश के अग्रणी केंद्रों में स्थापित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी विकास योजना तैयार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मेडिकल फिजिक्स में एम.एससी. कार्यक्रम प्रारम्भ करने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए सुझाव दिया कि संबंधित संस्थान इसके क्रियान्वयन की संभावनाओं पर मिलकर कार्य करें।

प्रो. सत्यजीत प्रधान ( पूर्व निदेशक ,टाटा मेमोरियल सेंटर, वाराणसी) ने रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के तीन प्रमुख स्तंभों क्लीनिकल ज्ञान, रेडियोबायोलॉजी और मेडिकल फिजिक्स के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रेडियोथेरेपी के सिद्धांतों और अनुप्रयोगों को समझने के लिए रेडियोबायोलॉजी की सुदृढ़ समझ अत्यंत आवश्यक है।

आयोजन अध्यक्ष प्रो. ललित एम. अग्रवाल ने रेडियोथेरेपी के क्षेत्र में शैक्षणिक समझ और व्यावसायिक दक्षताओं को सुदृढ़ करने में इस अल्पकालिक पाठ्यक्रम के महत्व को बताया। संकाय प्रमुख, चिकित्सा संकाय प्रो. संजय गुप्ता ने इस अल्पकालिक पाठ्यक्रम के आयोजन के लिए रेडियोथेरेपी एवं रेडिएशन मेडिसिन विभाग की पहल की सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान प्रो. एस. एन. संखवार,पाठ्यक्रम समन्वयक प्रो. सुनील चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी