बीएचयू में जैव-चिकित्सा अनुसंधान को नई गति, चिकित्सा विज्ञान संस्थान में फास्ट प्रोटीन लिक्विड क्रोमैटोग्राफी प्रणाली स्थापित
—प्रोटीन शुद्धिकरण से जुड़ी जटिलताओं को कम करने में आसानी
वाराणसी, 26 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में जैव-चिकित्सा अनुसंधान को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। संस्थान के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मेडिकल साइंसेज में अत्याधुनिक फास्ट प्रोटीन लिक्विड क्रोमैटोग्राफी (एफपीएलसी) प्रणाली “ऐक्टा प्योर ट्वेंटी-फाइव एम एफ-पी-एल-सी सिस्टम” स्थापित की गई है। इस उच्च-प्रदर्शन प्रणाली का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति अजित कुमार चतुर्वेदी ने गुरुवार को किया।
उन्होंने केंद्र को शुभकामनाएं देते हुए अन्य संकायों, विशेषकर विज्ञान संस्थान, तथा आईआईटी-बीएचयू के साथ शोध सहयोग को और मजबूत करने पर बल दिया। साथ ही भविष्य में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के विकास की उम्मीद जताई। केंद्र के प्रो.संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि यह एफपीएलसी प्रणाली प्रोटीन शुद्धिकरण की जटिल और समयसाध्य प्रक्रिया को काफी सरल बना देती है। जहां पहले इस प्रक्रिया में कई दिन लगते थे, अब वही कार्य कुछ घंटों में पूरा किया जा सकेगा। यह प्रणाली उच्च शुद्धता, अधिक उत्पादन और सटीक परिणाम सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि इस उपकरण में मल्टी-वेवलेंथ डिटेक्शन की सुविधा है, जिससे शुद्धिकरण के दौरान प्रोटीन की गुणवत्ता की रीयल-टाइम निगरानी और अशुद्धियों की प्रभावी पहचान संभव होती है। इसकी स्वचालित और पुनरुत्पाद्य प्रक्रियाएं जटिल जैविक नमूनों के विश्लेषण में विशेष रूप से उपयोगी हैं।
इस नई तकनीक की स्थापना से बीएचयू और आईआईटी-बीएचयू में चल रहे अनुसंधान कार्यों—विशेषकर वैक्सीन विकास, उपचारात्मक जैव-अणुओं और एंटीडोट से संबंधित शोध को उल्लेखनीय गति मिलने की उम्मीद है। यह प्रणाली शोधकर्ताओं को अधिक दक्षता और सटीकता के साथ प्रयोगात्मक कार्य करने में सक्षम बनाएगी। इसके पहले प्रो.संजीव ने संस्थान की गतिविधियों, चल रही शोध परियोजनाओं, प्रमुख शोध प्रकाशनों तथा भावी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण कुलपति प्रो.चतुर्वेदी के समक्ष किया। उद्घाटन समारोह में चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एस. एन. संखवार, चिकित्सा संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता, डॉ. समर सिंह, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. विभव गौतम एवं डॉ. संतोष कुमार सिंह आदि भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी