विश्व दुग्ध दिवस पर बीएचयू में सुरक्षित दूध, पोषण एवं खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान
—वेबिनार और ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों व आमजन को किया गया जागरूक
वाराणसी, 02 जून (हि.स.)। विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर भारतीय डेयरी संघ (आईडीए) ईस्टर्न यूपी चैप्टर तथा डेयरी साइंस एवं फूड टेक्नोलॉजी विभाग, कृषि विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को सुरक्षित दूध, पोषण और खाद्य सुरक्षा विषयक व्यापक जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में सुरक्षित खाद्य पदार्थों के सेवन, पौष्टिक आहार तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। अभियान में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में “सुरक्षित दूध, स्वस्थ भविष्य : बदलती दुनिया में पोषण सुनिश्चित करना” विषय पर एक विशेष वेबिनार आयोजित किया गया। वेबिनार के मुख्य वक्ता नितिश सत्यन ने खाद्य उद्योग में रोजगार और करियर की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और प्रमाणन का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन कार्यक्रमों, कौशल विकास पाठ्यक्रमों तथा खाद्य उद्योग में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समयानुकूल कौशल और प्रमाणन प्राप्त कर युवा वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
वेबिनार के दूसरे प्रमुख वक्ता उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त डॉ. चन्दन पाण्डेय ने डेयरी क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है और डेयरी क्षेत्र में मूल्य संवर्धन, नवाचार तथा स्टार्टअप के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने युवाओं से रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में सायंकाल बीएचयू के वीटी क्षेत्र में ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया। अत्याधुनिक मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, वाराणसी के सहायक आयुक्त-2 कौशलेन्द्र शर्मा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित ने कहा कि स्वस्थ समाज की आधारशिला सुरक्षित भोजन पर टिकी होती है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग निरंतर जन-जागरूकता अभियान चला रहा है तथा ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ जैसी पहलें आम जनता तक खाद्य सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान मोबाइल प्रयोगशाला में विशेषज्ञों ने दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान से जुड़े विभिन्न परीक्षणों का सजीव प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने खाद्य पदार्थों की शुद्धता जांचने की प्रक्रियाओं को नजदीक से देखा और उनसे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सम्राट श्रीवास्तव, राजेश कुमार, रत्नेश कुमार एवं जय हिन्द की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम का सफल संचालन भारतीय डेयरी संघ, ईस्टर्न यूपी चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अरविन्द तथा सचिव डॉ. तरुण वर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी