भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0 का समापन, आठ क्षेत्रों के विजेता स्टार्टअप्स को मिला भारत इनोवेशन अवार्ड
वाराणसी, 19 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के प्रबंध संस्थान स्थित अटल इन्क्यूबेशन सेंटर (एआईसी) की ओर से आयोजित दो दिवसीय ‘भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0-2026’ का शनिवार को स्वतंत्रता भवन सभागार में समापन हुआ। कॉन्क्लेव के दौरान विशेषज्ञों ने नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे।
समापन सत्र में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), काशी क्षेत्र के अध्यक्ष उमंग कुमार साह ने ‘नवाचार-आधारित विकास हेतु उद्योग-अकादमिक सहयोग’ विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने उद्यमिता में निर्भीकता के महत्व पर जोर देते हुए युवा नवाचारकों से तेजी से बदलते बाजार परिदृश्य को चुनौती के साथ-साथ अवसर के रूप में देखने का आह्वान किया। उन्होंने शोध और विचारों को व्यावहारिक तथा व्यापक प्रभाव में बदलने के लिए अकादमिक जगत और कॉरपोरेट क्षेत्र के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता बताई।
उत्तर प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के परामर्शदाता रवि शंकर पांडेय ने ‘स्टार्टअप विकास हेतु सरकार-उद्योग तालमेल’ विषय पर विचार रखे। उन्होंने इससे पहले ‘उद्यमिता एवं नवाचार को प्रोत्साहन’ विषय पर भी प्रतिभागियों को संबोधित किया।
कॉन्क्लेव में बीएचयू के रसायन विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सोमनाथ घड़ेई ने ‘उद्यमशीलता के अवसर’, जबकि इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बीएचयू के डॉ. दीपक गौतम ने ‘स्वास्थ्य क्षेत्र में उद्यमिता’ विषय पर अपने विचार साझा किए। मुख्य अतिथि विशाल सारस्वत (आईडीईएस), सीईओ, छावनी परिषद, वाराणसी ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम में आठ क्षेत्रीय ट्रैक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता स्टार्टअप्स को ‘भारत इनोवेशन अवार्ड’ प्रदान किया गया। इनमें मेडिकल टेक्नोलॉजी, सोशल एंटरप्रेन्योरशिप, लीन टेक, एडटेक, एग्रीटेक, इलेक्ट्रॉनिक्स, टूरिज्म एंड कल्चर तथा इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड साइबर सिक्योरिटी शामिल रहे।
भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव, आईएम-बीएचयू के अध्यक्ष डॉ. रविकिरण प्रभाकर ने दो दिवसीय आयोजन का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कॉन्क्लेव में हुई व्यापक भागीदारी और विभिन्न क्षेत्रीय ट्रैक्स में प्रस्तुत नवाचारों की गुणवत्ता को रेखांकित किया।
इस अवसर पर प्रो. पी.वी. राजीव, प्रोफेसर-इंचार्ज एवं डायरेक्टर-इंचार्ज, एआईसी-बीएचयू भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन भाषण प्रबंध संस्थान, बीएचयू के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेई ने दिया। उन्होंने आयोजन को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों, उद्योग तथा सरकार के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच बताया।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी