बीएचयू में एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह शुरू, एंटी-रैगिंग स्क्वाड एक्शन में

 


—पूरे सप्ताह के दौरान पेंटिंग एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, जागरूकता रैली

वाराणसी, 13 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में नए शैक्षणिक सत्र के साथ एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह भी शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देशों के अनुसार परिसर में 12 से 18 अगस्त के बीच एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह–2026 मनाया जा रहा है। सप्ताह में बीएचयू की एंटी-रैगिंग स्क्वाड तथा आयुर्विज्ञान संस्थान (आईएमएस), बीएचयू की एंटी-रैगिंग स्क्वाड संयुक्त रूप से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहे है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक, समावेशी और रैगिंग-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है।

विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी ने गुरूवार को बताया कि जागरूकता सप्ताह प्रोफेसर रंजन, अधिष्ठाता, छात्र अधिष्ठाता कार्यालय तथा प्रोफेसर संखवार, निदेशक, आईएमएस के नेतृत्व में हो रहा है। कार्यक्रम की गतिविधियों का समन्वय प्रोफेसर ललित मोहन अग्रवाल, अध्यक्ष, एंटी-रैगिंग स्क्वाड, बीएचयू तथा प्रोफेसर सुनील कुमार राव, अध्यक्ष, एंटी-रैगिंग स्क्वाड कर रहे हैं। इस पूरे सप्ताह के दौरान पेंटिंग एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, जागरूकता रैली, छात्रावासों एवं विभिन्न संकायों का भ्रमण तथा अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जागरूकता सप्ताह में आईएमएस-बीएचयू में नुक्कड़ नाटक/स्किट प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें आधुनिक चिकित्सा, दंत चिकित्सा, आयुर्वेद, नर्सिंग तथा कला संकाय के छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्रोफेसर किरण, प्रोफेसर आशुतोष पाठक, डॉ. धीरेंद्र राय, डॉ. ज्योति, डॉ. गणेश, डॉ. अभिषेक पाठक भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश “साथ खड़े हों, आवाज उठाएं, रैगिंग रोकें ”

विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों के पुरस्कार 18 अगस्त 2026 को प्रदान किए जाएंगे। यह सप्ताह बीएचयू और आईएमएस-बीएचयू की रैगिंग के प्रति शून्य सहनशीलता की प्रतिबद्धता को मजबूत करने तथा प्रत्येक छात्र के लिए सुरक्षित, सहयोगपूर्ण और स्वागतपूर्ण वातावरण बनाने की दिशा में एक संयुक्त प्रयास है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी