बनारस रेलवे स्टेशन के अंदर अब रास्ता खोजना गूगल मैप्स इस्तेमाल करने जितना आसान
—पूर्वोत्तर रेलवे ने अत्याधुनिक मार्गदर्शक स्मार्ट नेविगेशन सिस्टम किया लॉन्च
वाराणसी, 16 मई (हि.स.)। पूर्वोत्तर रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को तकनीक से जोड़ते हुए वाराणसी मंडल के बनारस रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक “मार्गदर्शक” स्मार्ट नेविगेशन सिस्टम लॉन्च किया है। इस नई व्यवस्था के बाद अब स्टेशन के भीतर रास्ता खोजना लगभग गूगल मैप्स इस्तेमाल करने जितना आसान हो गया है।
स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-8 के निकट मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थापित एलईडी टच-स्क्रीन कियोस्क केवल डिजिटल मैप नहीं, बल्कि एक इंटरैक्टिव स्मार्ट गाइड के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से यात्री 360 डिग्री वर्चुअल स्टेशन विजन टूर की सहायता से पूरे स्टेशन परिसर और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
इस स्मार्ट सिस्टम के जरिए यात्रियों को शौचालय, पेयजल बूथ, वॉटर कूलर, आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट काउंटर, जनसुविधा केंद्र (पूछताछ), वातानुकूलित लाउंज, विभिन्न श्रेणी के प्रतीक्षालय, बेबी फीडिंग कक्ष, यात्री विश्रामालय, डोरमेट्री, जनआहार, फूड एवं कैटरिंग स्टॉल, पार्किंग तथा छात्रावास जैसी सुविधाओं तक पहुंचने का सटीक मार्ग मिलेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान के नेतृत्व में यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में “मार्गदर्शक” स्मार्ट नेविगेशन सिस्टम को शुरू किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत यात्री किसी भी चयनित स्थान तक पहुंचने के लिए क्यूआर कोड स्कैन कर अपने मोबाइल फोन पर स्टेशन के भीतर गूगल मैप्स की तरह नेविगेशन सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। यह प्रणाली ऑडियो-विजुअल मार्गदर्शन के साथ दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष अनुकूल मार्ग भी उपलब्ध कराती है। सिस्टम में सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। रेलवे ट्रैक के निकट पहुंचने पर यह स्मार्ट अलर्ट जारी करेगा। साथ ही व्हीलचेयर और अन्य यात्री सहायता सेवाओं के लिए डिजिटल हेल्प डेस्क की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि “मार्गदर्शक” सिस्टम यात्रियों के अनुभव को अधिक सहज, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम बनाएगा तथा भविष्य के स्मार्ट रेलवे स्टेशनों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी