मकर संक्रांति की आहट : बाजारों में सजी तिल-गुड़ और गजक की अस्थायी दुकानें

 




— गुड़-मूंगफली की पट्टी की खुशबू से महके बाजार, बहन-बेटियों के यहां भेजी जा रही खिचड़ी

वाराणसी, 13 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में मकर संक्रांति पर्व की आहट अब बाजारों से लेकर घर-आंगन तक सुनाई देने लगी है। शहर के चेतगंज, लहुराबीर, जगतगंज, लक्सा, औरंगाबाद मार्ग, लंका सहित कई इलाकों में तिल, पट्टी, गजक, गुड़ की पट्टी और ढुंढ़ा लाई की अस्थायी दुकानें सज गई हैं। इन दुकानों पर पर्व की तैयारी के लिए लोगों की चहल-पहल बढ़ गई है। दोपहर बाद से ही बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगती है। गुड़ और तिल से बनी मिठाइयों की खुशबू पूरे बाजार को पर्वमय बना रही है। परंपरा के अनुसार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपनी बहन-बेटियों के यहां खिचड़ी—जिसमें तिल की पट्टी, गजक, वस्त्र और साड़ियां शामिल हैं—भेजने लगे हैं। हालांकि, बढ़ती महंगाई और व्यस्त जीवनशैली के चलते अब यह परंपरा सीमित लोगों तक सिमटती नजर आ रही है। जगतगंज धूपचंडी क्षेत्र के तिल पट्टी विक्रेता राजेश कुमार बताते हैं कि मकर संक्रांति को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। लोग अपनी पसंद के अनुसार गुड़ की पट्टी, गजक, तिल और ढुंढ़ा खरीद रहे हैं। वर्तमान में गुड़ की पट्टी 160 रुपये प्रति किलो, जबकि गजक 200 से 250 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। उधर,पर्व का उत्साह बच्चों में भी देखने को मिल रहा है। बच्चे अपने अभिभावकों से पतंग और परेती की खरीदारी करवा रहे हैं, जिससे पतंग बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है।

—15 जनवरी को स्नान-दान का विशेष महत्व

पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसके साथ ही सूर्य के उत्तरायण होने की शुरुआत होती है। सनातन धर्म में सूर्य का उत्तरायण होना शुभ माना गया है। सनातन धर्म में मान्यता है कि सूर्य देव साल में लगभग 6 महीने उत्तरायण और 6 महीने दक्षिणायन रहते हैं। सूर्य का उत्तरायण होना शुभ संकेत माना गया है। इसके बाद दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। इस वर्ष सूर्य देव 14 जनवरी को अपरान्ह 3 बजकर 7 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का संक्रमण अपरान्ह में होने के कारण पवित्र नदियों में स्नान, दान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए 15 जनवरी को अधिक शुभ माना जा रहा है। ज्योतिषविद रविन्द्र तिवारी के अनुसार 15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। साथ ही चतुर्ग्रही योग और वृद्धि योग भी रहेगा, जिससे यह दिन विशेष रूप से पुण्यदायक होगा। इस दिन तिल, गुड़, चावल और वस्त्रों का दान करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी