मानवता की मिसाल: युवा अमन ने मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला काे दिया सहारा, पहुंचाया सुरक्षित आश्रय गृह
वाराणसी, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी के मोक्षतीर्थ हरिश्चंद्र घाट पर पिछले दो दिनों से मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला अस्त व्यस्त कपड़ाें में पड़ी थीं। घाट पर आने-जाने वाले लोग उन्हें देख रहे थे, लेकिन उनकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। ऐसे में शहर के युवा सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का परिचय देते हुए न केवल महिला की गरिमा की रक्षा की, बल्कि उन्हें सुरक्षित आश्रय भी दिलाया।
महिला के बारे में सूचना मिलते ही अमन कबीर हरिश्चंद्र घाट पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले महिला को सम्मानपूर्वक वस्त्र पहनाए और धैर्य तथा आत्मीयता के साथ उन्हें संभालने का प्रयास किया। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण महिला किसी की बात सुनने की स्थिति में नहीं थीं, लेकिन अमन ने परिवार के सदस्य की तरह स्नेह और संयम से उन्हें विश्वास में लिया।
इसके बाद उन्होंने तत्काल यूपी-112 और भेलूपुर थाना पुलिस से संपर्क किया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिला पुलिस और यूपी-112 की टीम के सहयोग से महिला को सुरक्षित रूप से 'अपना घर' आश्रय गृह भेजा गया, जहां अब उनकी देखभाल की जाएगी। यदि महिला खुले में ही रहतीं, तो उनके साथ किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती।
सोमवार को अमन कबीर ने बताया कि महिला की स्थिति बेहद दयनीय थी। उन्हें देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह किसी गहरे मानसिक आघात, पारिवारिक संकट या जीवन की गंभीर परिस्थितियों से गुजर रही हैं। ऐसे समय में सबसे अधिक जरूरी था कि उन्हें सुरक्षा, सम्मान और मानवीय व्यवहार मिले।
काशी में अमन कबीर का नाम सामाजिक सेवा के क्षेत्र में पहले से ही जाना-पहचाना है। वे लावारिस शवों के अंतिम संस्कार से लेकर असहाय वृद्धों की सेवा, सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता दिलाने और गरीब मरीजों की हरसंभव मदद के लिए लगातार सक्रिय रहते हैं। मंडलीय अस्पताल में उनका अधिकांश समय जरूरतमंद मरीजों की सहायता और उपचार की व्यवस्था कराने में बीतता है। शहर में जब भी कोई बेसहारा वृद्ध, घायल या संकट में फंसा व्यक्ति मिलता है, तो लोग सबसे पहले अमन कबीर को ही याद करते हैं। अमन कहते है कि समाज की संवेदनशीलता तभी सार्थक होती है, जब जरूरतमंद के सम्मान और सुरक्षा के लिए कोई आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाए।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी