लड़ाई अभी अधूरी है... मदिरा मुक्त काशी के लिए जारी रहेगा आंदोलन : ब्रह्म सेना

 

वाराणसी, 07 जून (हि.स.)। धर्मनगरी काशी को उसके मूल आध्यात्मिक स्वरूप में स्थापित करने की दिशा में वाराणसी नगर निगम द्वारा शहर की सीमा के भीतर संचालित मीट, मछली एवं मांस की दुकानों को बाहर स्थानांतरित करने के निर्णय का विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने स्वागत किया है। रविवार को सामाजिक संस्था 'आगमन' और 'ब्रह्म सेना' ने इसे काशी की सांस्कृतिक एवं धार्मिक गरिमा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।

दोनों संस्थाओं के संरक्षक एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. संतोष ओझा ने रविवार काे कहा कि सनातन संस्कृति की प्राणस्थली और देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी को उसके मूल आध्यात्मिक स्वरूप में लौटाने के लिए लंबे समय से जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि नगर निगम का यह निर्णय उसी व्यापक सामाजिक चेतना और जनसमर्थन का परिणाम है, जो पिछले कई वर्षों से विभिन्न माध्यमों से निर्मित किया गया।

डॉ. ओझा ने बताया कि 'आगमन संस्था' और 'ब्रह्म सेना' पिछले पांच वर्षों से अभियान पवित्र काशी के तहत काशी को मांस और मदिरा की संस्कृति से मुक्त करने के उद्देश्य से लगातार जनजागरण कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। अभियान के दौरान जनसंपर्क, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संत समाज के सहयोग, छात्र सहभागिता और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज तथा शासन-प्रशासन का ध्यान इस विषय की ओर आकर्षित किया गया।

उन्होंने कहा कि संस्था का मानना है कि काशी जैसे विश्वविख्यात धार्मिक और आध्यात्मिक नगर में आस्था, संस्कृति और तीर्थ परंपरा के अनुरूप वातावरण बनाए रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर दोनों संस्थाओं की पहल पर वैदिक बटुकों की पदयात्राएं, संत आग्रह यात्राएं, छात्र पेंटिंग प्रतियोगिताएं तथा विभिन्न धार्मिक यात्राओं एवं अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। डॉ संतोष के अनुसार बनारस से लेकर राजधानी लखनऊ तक जादूगर के माध्यम से कलात्मक रूप से काशी को मांस-मदिरा मुक्त करने की पुरजोर मांग उठाई गई। काशी में प्रतिष्ठित देवालयों और देव विग्रहों से इस पाप कर्म को दूर करने की प्रार्थना के साथ 'देव विग्रह यात्रा', 'द्वादश आदित्य यात्रा' और 'द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा' सहित दर्जनों धार्मिक अनुष्ठानों का संपादन किया गया।

मदिरा मुक्त काशी के लिए जारी रहेगा आंदोलन

डॉ. संतोष ओझा ने कहा कि नगर निगम द्वारा मांस एवं मछली की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन संस्था के अनुसार अभियान का लक्ष्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि काशी के विभिन्न क्षेत्रों में आज भी कई शराब की दुकानें मंदिरों, धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास संचालित हो रही हैं, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की चिंताएं लगातार सामने आती रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'अभियान पवित्र काशी' का अगला चरण काशी को मदिरा मुक्त बनाने की मांग को लेकर केंद्रित रहेगा। संस्था का संकल्प है कि धार्मिक एवं शैक्षणिक स्थलों के आसपास संचालित शराब की दुकानों को हटाने तथा काशी की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए जनजागरण और संवाद का अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।

ब्रह्म सेना और आगमन संस्था के पदाधिकारियों ने नगर निगम, महापौर, पार्षदों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि काशी की धार्मिक गरिमा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार के सकारात्मक निर्णय लिए जाते रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी